MP News: राजधानी के बाजार व मंडियों में नाले के पानी से उगी सब्जी और उपज की आवक...पत्रिका पड़ताल में बड़ा खुलासा... पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट...
MP News: पात्रा नाला साल दर साल राजधानी और सटे हुए ग्रामीण क्षेत्रों की खेती की लाइफलाइन बनता जा रहा है। जो हर साल शहर की सेहत के लिए खतरा बनता जा रहा है। पत्रिका पड़ताल में सामने आया है कि पात्रा नाले के आस-पास के 85 फीसदी खेतों में सीवेज के जहरीले पानी से सिंचाई की जा रही है।
शहर के बीच और आसपास 1500 एकड़ से अधिक कृषि भूमि पर प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से इसी प्रदूषित पानी का उपयोग हो रहा है। जो सीधे तौर पर शहरवासियों की खाने की थाली में परोसा जा रहा है। पेट और त्वचा संबंधी मरीज हर साल बढ़ रहे पात्रा नाले से लगे खेतों में अनाज से लेकर सब्जियों तक प्रदूषित पानी से हो रही है।
करोंद, बिट्टन मार्केट और मंडियों में यहीं से सब्जियां आ रही हैं। लोग धड़ल्ले से खरीदकर ले जा रहे हैं। इनके परिवारों पर खतरा बड़ा है।
एनजीटी के निर्देशों के बावजूद नगर निगम और जिला प्रशासन ने अब तक इन खेतों की बिजली काटने या मोटर जब्त करने की कार्रवाई नहीं की है।
सीवेज सिंचाई से आसपास के कुओं और ट्यूबवेल का पानी भी जहरीला हो चुका है।