
MP News: जन कल्याण के फैसले अब भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण से जुड़े पवित्र स्थलों से लिए जाएंगे। मोहन सरकार इसकी पहल करने जा रही है। आने वाले समय में श्रीराम से जुड़े तीर्थस्थल चित्रकूट और श्रीकृष्ण से जुड़े सादिपनि आश्रम के साथ महाकाल नगरी उज्जैन, नर्मदा और ताप्ती के उद्गम स्थल अमरकंटक व मुलताई जैसे 40 से अधिक पवित्र स्थलों में कैबिनेट बैठक होगी। (MP cabinet meeting at pilgrimage sites)
सरकार डेस्टिनेशन कैबिनेट के लिए प्रदेश के ऐसे पवित्र स्थलों की सूची तैयार करा रही है। सरकार का मानना है कि ये धार्मिक और पर्यटन स्थल प्रदेश के विकास की रीढ़ हैं। ये पहले से ही प्रसिद्ध हैं, लेकिन नए प्रयासों से लोगों को इन्हें और करीब से जाने का मौका मिलेगा। स्थानीय विकास को गति मिलेगी। क्षेत्रीय जनभावनाओं का समान होगा। नई पीढ़ी भी इन ऐतिहासिक स्थानों से रूबरू होगी।
डेढ़ साल के कार्यकाल में मोहन सरकार चार डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठक कर चुकी है। रानी दुर्गावती से जुड़े प्रसिद्ध स्थल दमोह के सिंग्रामपुर से शुरुआत की। फिर देवी अहिल्या बाई होलकर की याद में महेश्वर और इंदौर में राजबाड़ा में बैठक की। चौथी आदिवासी राजा भभूतसिंह से जुड़े पचमढ़ी में की।
प्रदेश के जिन स्थलों को वर्षों से इतिहास के पन्नों में पढ़ा जा रहा है, सरकार की मंशा उन स्थलों तक पहुंचकर वहां बैठकें करने की भी है। सरकार चाहती है कि जब उक्त स्थलों पर कैबिनेट बैठक की तारीखें तय होंगी, उस दिन से लेकर बैठक होने तक संबंधित स्थल की पूछ-परख बढ़ेगी। फिर यह जारी रहेगा। इससे यहां के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ेगा। छोटे रोजगार पनपेंगे, लोकल में ही रोजगार के मौके मिलेंगे।