MP news: एमपी की राजधानी भोपाल में गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतार की ये तस्वीर क्या कहती है... एक्साइज ड्यूटी घटने के बाद पेट्रोल पंपों पर जमकर भीड़ पहुंच रही है... उधर प्रशासन का दावा है कि सोशल मीडिया पर अफवाह से लोग पैनिक हो रहे हैं,....ऐसे में आलम यही होगा....
MP News: एमपी की राजधानी में रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल को लेकर इन दिनों अजीब स्थिति बनी हुई है। एक तरफ प्रशासन लगातार यह दावा कर रहा है कि शहर में किसी भी तरह की कमी नहीं है। वहीं, खाली गैस सिलेंडरों से मैदान सज रहा है तो पंपों पर लंबी लाइन नजर आती है। ऐसे हालात सोशल मीडिया पर हर समय चलने वाली अलग-अलग सूचनाओं की वजह से बन रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि सोशल मीडिया की अफवाह से लोग पैनिक हो रहे हैं। आलम ये हैं कि कई इलाकों में लोग सुबह 5 से 6 बजे गैस सिलेंडर लेने के लिए एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं। पर उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इस संकट के बीच साइकिलों की मांग बढ़ी है।
भले ही प्रशासन तमाम दावे कर रहा है कि गैस सिलेंडर की आपूर्ति सामान्य हो गई है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट है। हनुमानगंज क्षेत्र में रेलवे स्टेशन से नादरा बस स्टैंड जाने वाले समानांतर सड़क पर शुक्रवार सुबह 6 बजे से सिलेंडर लेने सैकड़ों लोग पहुंच गए। यहां घंटों इंतजार करने के बाद भी कई लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा। लाइन में लगे छोला मंदिर निवासी मनजीत जगताप का कहना है, सुबह से काम छोड़कर सिलेंडर लेने के लिए लाइन में लगे हैं। वहीं, बिजनेसमैन सुधीर तिवारी रेस्टोरेंट संचालन करते हैं, वे तीन-चार दिनों से सिलेंडर के लिए परेशान हो रहे हैं। उनका कहना है कि यदि यही स्थिति रही, तो रेस्टोरेंट बंद करना होगा।
सागर. आपदा में अवसर का मामला राहतगढ़ बस स्टैंड के पास स्थित गो गैस फिलिंग स्टेशन से सामने आया है। यहां कुछ ही दिन में ऑटो गैस के दाम दोगुने कर दिए गए। बीते सप्ताह तक शहर में गैस 44 से 50 रुपए प्रति लीटर मिलती थी। शुक्रवार को गो गैस संचालक ने दाम 99 रुपए प्रति लीटर कर दिए। बुधवार को 79 तो गुरुवार को दाम 85 रुपए थे। पंप संचालक ने परिसर में बोर्ड पर लिखा है कि युद्ध की स्थिति के कारण बाजार में अस्थाई रूप से एलपीजी की कमी उत्पन्न हो गई है। इसी वजह से दरों में वृद्धि की गई है।
पत्रिका की सूचना पर प्रशासन ने शुक्रवार रात जांच की तो पंप संचालक आदेश उपलब्ध नहीं करा पाया। टीम ने पंचनामा बनाकर ज्यादा दाम वसूली रोकी व अस्थाई रूप से वितरण रोक दिया है। उधर, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, सागर, उज्जैन सहित 23 जिलों के नगरीय क्षेत्र के उपभोक्ताओं को प्रति राशन कार्ड तीन लीटर केरोसिन दिया जाएगा।
भोपाल. पेट्रोल-डीजल पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) घटने की खबर के बाद शुक्रवार को पेट्रोल पंपों पर लोगों की लाइन लग गई, लेकिन उन्हें पुराने भाव पर ही ईंधन मिला। पेट्रोल पंप संचालक नकुल शर्मा का कहना है कि एक्साइज ड्यूटी घटने से डीजल-पेट्रोल की कीमतें कम नहीं हुई, बल्कि इससे कंपनियों के घाटे की कुछ भरपाई होगी। मध्यप्रदेश पेट्रोल पंप ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय ङ्क्षसह ने बताया, यह स्थिति किसी वास्तविक कमी के कारण नहीं, बल्कि अफवाहों के चलते बनी है। पिछले कुछ दिनों में ईंधन की खपत में करीब 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं प्रशासन ने दवा दावा किया कि भोपाल में संचालित 192 पेट्रोल पंपों पर नियमित रूप से पेट्रोल की सह्रश्वलाई हो रही है।
भोपाल. शहर में कुछ गैस एजेंसी वाले कॉलोनियों में सिलेंडरों से भरा ट्रक खड़ा कर देते हैं। इससे 400/500 सिलेंडर एक ही स्थान से सह्रश्वलाई हो जाते हैं। इससे सिलेंडर डिलीवरी का खर्च बच जाता है। ऐसे वितरण से कालाबाजारी को बल मिल रहा है जबकि प्रॉपर गैस की बुङ्क्षकग करके सिलेंडर घरों तक पहुंचाने के नियम है।
जिले में किसी तरह से ईंधन की कमी नहीं है। हमारी अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल जरूरत के अनुसार ही ईंधन व गैस का उपयोग करें।
- कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर
शहर में किसी प्रकार की कमी नहीं है। भोपाल में संचालित 192 पेट्रोल पंपों पर नियमित रूप से सह्रश्वलाई हो रही है। खाद्य विभाग की टीमें लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं और जहां भी कमी की सूचना मिलती है, वहां तुरंत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
- चंद्रभान सिंह जादौन, नियंत्रक, जिला खाद्य आपूर्ति