MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल दौरे पर आए राहुल गांधी ने सरकार पर जमकर निशाना साधा और कहा कि इन्होंने हिंदुस्तान का सारा डेटा बेच दिया।
MP News: भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील के विरोध में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज कांग्रेस ने 'किसान महाचौपाल' का आयोजन किया है। इसमें राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे पहुंचे हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदुस्तान के इतिहास में पहली बार लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया गया।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने निशाना साधते हुए कहा कि हिंदुस्तान के इतिहास में पहली बार लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया गया। मैंने स्पीच शुरू की। मुझे रोका गया। फिर शुरू की, फिर रोका गया। मैंने नरवाड़े जी की बात उठाई, उन्होंने किताब में साफ लिखा जब चाइना के टैंक हिंदुस्तान की बाउंड्री के अंदर आ रहे थे तो उन्होंने राजनाथ को फोन किया। पूछा– मेरा ऑर्डर क्या है? उन्होंने जवाब नहीं दिया। फिर अजीत डोभाल को फोन किया। उन्होंने भी कोई जवाब नहीं दिया। उसके बाद जयशंकर को फोन किया। कोई जवाब नहीं मिला।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उसके दो घंटे बाद फिर से नरवाड़े जी ने डिफेंस मिनीस्टर को फोन किया। आप मुझे ऑर्डर दीजिए दो घंटे हो गए हैं। आप पीएम से पूछिए मेरा ऑर्डर क्या है? ये सवाल इसलिए पूछ रहे थे क्योंकि चाइनीज आर्मी पर फायर करने का निर्णय पीएम को करना होता है। युद्ध का निर्णय आर्मी नहीं, पीएम लेता है।
राहुल ने कहा राजनाथ सिंह, पीएम को फोन करते हैं। पीएम ने उनसे बात नहीं की। वो छिप गए अपने कमरे में और रक्षा मंत्री से कहते हैं कि आर्मी चीफ को बताओ जो वो उचित समझें वो करें। आर्मी चीफ अपनी किताब में लिखता है कि उस दिन मुझे हिंदुस्तान की सरकार ने पीएम ने अकेला छोड़ दिया। मैं संसद में ये बोलने की कोशिश कर रहा था, बोलने नहीं दिया गया। नरेंद्र मोदी ने अमित शाह की तरफ देखा और शाह खड़े हो गए। मुझे बोलने नहीं दिया गया।
लोकसभा राहुल गांधी ने कहा कि मैं संसद में ये बोलने की कोशिश कर रहा था, बोलने नहीं दिया गया। नरेंद्र मोदी ने अमित शाह की तरफ देखा और शाह खड़े हो गए। मुझे बोलने नहीं दिया गया। नरेंद्र मोदी ने देश को बेच दिया।अगले दिन मैं किताब लाया। कहा गया कि किताब नहीं दिखा सकते। मैंने कहा बोलना है तो जवाब मिला बोलने नहीं देंगे। चार–पांच घंटे मुझे रोका। मगर बैकग्राउंड में एक और चीज चल रही थी। चार महीने के लिए हिंदुस्तान और अमरीका का समझौता रुका हुआ था। कृषि के मामले पर रुका था।
आगे राहुल गांधी ने कहा कि हिंदुस्तान की सरकार नहीं चाहती थी कि अमरीका की बड़ी–बड़ी कंपनियां, सोया, कपास, भुट्टा हिंदुस्तान में बेच पाएं। हिंदुस्तान का कोई किसान और नेता नहीं चाहता। चार महीने चर्चा बंद पड़ी थी। मैंने भाषण दिया। उसमें मैं सिर्फ नरवणे की बात नहीं कहना चाहता था। दो–तीन चीजें और कहने वाला था। मेरा भाषण खत्म होते ही पीएम गए और बिना कैबिनेट से पूछे उसी दिन ट्रंप को फोन लगाया। ट्रंप ने ट्वीट किया है कि हिंदुस्तान के पीएम ने मुझे फोन किया। कह दिया कि यूएस इंडिया डील को मैं साइन करने को तैयार हूं।
राहुल ने यह भी कहा कि डील चार महीने रुकी हुई थी। लोकसभा से नरेंद्र मोदी भागते हुए गए। आप गडकरी जी, शिवराज जी से पूछिए। क्या किसी से बात की उन्होंने। नरेंद्र मोदी ने चार महीने कुछ नहीं किया और फिर एकदम फोन किया और हिंदुस्तान के किसानों को बेच दिया। हमारा सारा डेटा दे दिया।
राहुल ने एपस्टीन फाइल पर कहा कि पहला कारण अमेरिका में लाखों फाइल, एपस्टीन की फाइल बंद पड़ी हुई हैं। तीस लाख फाइल। उसमें ईमेल है। मैसेज हैं। वीडियो हैं। सबकुछ है। वो रिलीज नहीं हुई हैं। बंद पड़ी हैं। धमकाने के लिए हरदीप पुरी का नाम रिलीज किया है। ये मैसेज है कि भैया आपने हमारी बात सुनी नहीं तो फिर उन फाइलों में से माल निकलेगा। भाइयों-बहनों अनिल अंबानी मेरा मित्र नहीं है। नरेंद्र मोदी जी आप बताइए अनिल अंबानी से आपका रिश्ता क्या है? अनिल एपस्टीन फाइल में है।
आगे राहुल ने कहा कि मैं अभी गाड़ी में आ रहा था। देखा अडाणी आईसीसी, जहां भी देखो अडाणी। ये जो अडाणी है मामूली कंपनी नहीं है। ये बीजेपी का नरेंद्र मोदी का फाइनेंशियल स्ट्रक्चर है। दूसरी धमकी है कि अमरीका में अडाणी पर क्रिमनल केस है। अडाणी अमरीका नहीं जा सकते हैं। डरे हुए हैं कि मैं गया तो पकड़ लेंगे। दरअसल, उस केस का लक्ष्य अडाणी नहीं, नरेंद्र मोदी है। वो तीर अडाणी की तरफ नहीं, नरेंद्र मोदी की तरफ मारा जा रहा है।