भोपाल

‘बच्ची चली गई… अब उसे घर कैसे ले जाऊं? शव वाहन के नियम सुन फूट-फूटकर रोता रहा पिता

MP News: न्यूमोनिया से पीड़ित मासूम का हमीदिया में चल रहा था इलाज, मौत हुई तो शव घर ले जाने नहीं मिला शव वाहन, जिला सीमा नियम बेबस पिता के सामने आकर खड़े हो गए और पिता रोता रह गया...

2 min read
Feb 03, 2026
MP News Emotional News(photo:AI)

MP News: हरदा से अपनी दो साल की बच्ची को बचाने की आखरी उम्मीद लेकर भोपाल आए पिता को क्या पता था कि हमीदिया अस्पताल से वह बेटी की सांसें नहीं, बल्कि उसका शव लेकर लौटेंगे। न्यूमोनिया से पीड़ित मासूम का इलाज चल रहा था और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद जो हुआ, उसने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की संवेदनशीलता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया।

ये भी पढ़ें

MP में पंचायतें भी डिजिटल, 2100 सेवाओं का लाभ अब Mobile पर

नियम ने दिया झटका

पिता जब शव वाहन लेने पहुंचे तो उनसे पहले डेथ डिक्लेरेशन सर्टिफिकेट मांगा गया। सर्टिफिकेट बनवाने की औपचारिकताओं में समय लगा, लेकिन असली झटका तब लगा जब एंबुलेंस चालक ने कहा कि यह शव वाहन भोपाल जिले के बाहर नहीं जाएगा। कारण बताया गया कि शासकीय नि:शुल्क शव वाहन सेवा सिर्फ उसी जिले के निवासियों के लिए है, जहां मौत हुई हो।

प्राइवेट शव वाहन ही सहारा

बेटी को खो चुके पिता की हालत पहले से ही बेबस थी। वह फूटफूट कर रो पड़े। उन्होंने बताया कि इलाज के लिए पहले ही उधार लेना पड़ा था। अब शव ले जाने के लिए पैसे नहीं हैं। बच्ची तो चली गई, अब उसे घर तक भी नहीं ले जा पा रहा ये कहते हुए उनका गला भर आया। यह कहानी सिर्फ एक परिवार की नहीं है। एम्स और हमीदिया अस्पताल में रोजाना 8 से 10 लोग शव वाहन के अभाव में भटकते हैं।

कारण, यहां पर अन्य जिलों के मरीज बेहतर इलाज के लिए आते हैं। गरीब परिवारों के लिए यह व्यवस्था किसी सजा से कम नहीं। दूसरी ओर निजी एंबुलेंस संचालक प्रति किलोमीटर के आधार पर 7 रुपए चार्ज वसूलते है। ऐसी स्थिति में प्राइवेट शव वाहन ही इनका सहारा है।

जमीनी हकीकत बयां करती कहानी

सरकार की शासकीय नि:शुल्क शव वाहन सेवा का उद्देश्य मृतक को सम्मानपूर्वक निवास स्थल या श्मशान घाट तक पहुंचाना है। इसके लिए डेथ डिक्लेरेशन फॉर्म, अस्पताल की सील और डॉक्टर के हस्ताक्षर पर्याप्त माने गए हैं। हेल्पलाइन नंबर भी जारी हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है। शव वाहन की सेवा प्राप्त करने के लिए हेल्पलाइन नंबर 0755244 0502, 6269907250, 6269906944 पर संपर्क कर सकते हैं।

अन्य जिलों के लिए उपलब्ध कराएंगे वाहन

अधिकारियों से आश्वासन मिला है कि जहां मेडिकल कॉलेज हैं, वहां अन्य जिलों के लिए भी शव वाहन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस दिशा में काम चल रहा है।

-मनीष शर्मा, सीएमएचओ, भोपाल

ये भी पढ़ें

कर्नल सोफिया पर बेशर्म बयान देकर फंसे विजय शाह पर अब ‘दिल्ली’ करेगी फैसला

Published on:
03 Feb 2026 09:50 am
Also Read
View All

अगली खबर