
IPS - भोपाल में राज्य पुलिस सेवा (एसपीएस) के अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (आइपीएस) में पदोन्नति देने की अंतिम प्रक्रिया पूरी हो गई है। गुरुवार को वल्लभ भवन में संघ लोक सेवा आयोग की विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में संघ लोक सेवा आयोग से सदस्य संजय वर्मा, केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि संयुक्त सचिव आसिफ जलाल और कवीब के. के अलावा सीएस अनुराग जैन, डीजीपी DGP कैलाश मकवाना और प्रदेश के गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला शामिल हुए। इसमें 1997-98 बैच के 27 अधिकारियों के नामों पर विचार किया गया। राज्य पुलिस सेवा (एसपीएस) के इन अधिकारियों को सेवा रिकॉर्ड, वरिष्ठता, गोपनीय चरित्रावली सहित अन्य मापदंडों पर परखा गया। इसको बाद एसपीएस अधिकारियों को आईपीएस अवॉर्ड किया गया। खास बात यह है कि समिति के समक्ष राजेश मिश्रा का भी नाम था पर जयपुर की एक फैशन डिजाइनर से संबंधों पर वे फंस गए हैं। इस कारण उनका प्रमोशन भी रोक दिया गया।
प्रदेश के जिन एसपीएस अधिकारियों को आईपीएस अवॉर्ड किया गया उन्हें जल्द ही कैडर आवंटित किया जाएगा। इससे पहले अन्य औपचारिकताओं को पूरा कर अधिसूचना जारी की जाएगी।
इधर, विभागीय जांच के कारण दो अधिकारियों अमृत मीणा और राजेश मिश्रा का मामला फंस गया। इन दो पदों को होल्ड कर सीलबंद लिफाफे में कर दिया गया। बता दें कि अमृत मीणा जाति पर फंसे हैं। उनके जाति प्रमाण में गड़बड़ी की शिकायतों के कारण जांच हुई जिसके बाद से ही लगातार यह मामला चल रहा है। इस वजह से अमृत मीणा का प्रमोशन अटक गया।
इधर राजेश मिश्रा एक अन्य मामले में बुरी तरह फंस गए हैं। उनपर जयपुर की एक महिला फैशन डिजाइनर ने शारीरिक और मानसिक प्रताडऩा का आरोप लगाया। इसके बाद विभाग द्वारा जांच करवाई जिसमें प्रथम दृष्टया आरोप सिद्ध हुए। अब इस मामले में राजेश मिश्रा की विभागीय जांच के लिए अनुशंसा की गई है। इसके कारण उनकी पदोन्नति होल्ड कर दी गई है।
सीताराम ससत्या, निमिषा पाण्डेय, मलय जैन, अमित सक्सेना, मनीषा पाठक सोनी, सुमन गुर्जर, सव्यसाची सर्राफ और समर शर्मा को आईपीएस में पदोन्नत किया गया।
मंत्रालय में हुई डीपीसी की बैठक में इस बार आइएएस अवार्ड के लिए 1997 और 1998 बैच के एसपीएस अधिकारियों के नाम रखे गए। इनमें कुल 27 नाम हैं। डीपीसी के नियमानुसार पद की तुलना में तीन गुना नामों पर विचार किया जाता है।