सामान्य प्रशासन विभाग ने संबंधित विभागों को कर्मचारी चयन मंडल द्वारा ग्रुप-2, सब ग्रुप-4 और पटवारी परीक्षा के घोषित परिणाम के आधार पर नियुक्ति के निर्देश दिए हैं।
मध्य प्रदेश में पिछले साल हुई पटवारी भर्ती परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। गुरुवार को सामान्य प्रशासन विभाग ने संबंधित विभागों को कर्मचारी चयन मंडल द्वारा ग्रुप-2, सब ग्रुप-4 और पटवारी परीक्षा के घोषित परिणाम के आधार पर नियुक्ति करने के निर्देश दिए हैं। शासन ने यह निर्देश जस्टिस राजेंद्र वर्मा के एक सदस्यीय जांच आयोग की जांच रिपोर्ट के आधार पर दिए हैं, जिसमें परीक्षा में धांधली के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।
पटवारी के 9 हजार से अधिक पदों के लिए 15 मार्च से 26 अप्रैल 2023 तक कर्मचारी चयन मंडल ने परीक्षा कराई थी। 30 जून को परिणाम घोषित हुए। ग्वालियर के एक ही सेंटर से 10 में से सात टापर के नाम सामने आने पर सवाल उठने और अभ्यर्थियों के प्रदर्शन को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जस्टिस राजेंद्र वर्मा का एक सदस्यीय जांच आयोग गठित की और 31 अगस्त तक रिपोर्ट मांगी थी।
3 बार बढ़ी जांच अवधि
हालांकि, तय अवधि में जांच पूरी नहीं हो सकी। लेकिन इस दौरान 3 बार जांच अवधि बढ़ाई गई। जनवरी 2024 में आयोग ने मुख्य सचिव वीरा राणा को जांच रिपोर्ट सौंप दी। इसमें भर्ती प्रक्रिया पर संदेह नहीं जताया गया। इस पर सरकार ने मंडल द्वारा घोषित परिणाम के आधार पर विभागों को नियुक्ति की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।