आपको इसके लिए करना बस इतना है कि मप्र कर्मचारी चयन बोर्ड (MPESB) की ओर से निकाले जाने वाले भर्ती विज्ञापन पर नजर रखें। क्योंकि MPESB एमपी पुलिस कांस्टेबल के पदों पर समय-समय पर भर्ती के विज्ञापन जारी करता है...
MP Police Constable : अगर आप भी पुलिस की नौकरी का सपना देखते हैं और सोच रहे हैं कि कैसे इस फील्ड में आप कॅरियर बना सकते हैं। अगर आप 10वीं, 12वीं पास हैं, तो एमपी पुलिस में कांस्टेबल बन सकते हैं। आपको इसके लिए करना बस इतना है कि मप्र कर्मचारी चयन बोर्ड (MPESB) की ओर से निकाले जाने वाले भर्ती विज्ञापन पर नजर रखें। क्योंकि MPESB एमपी पुलिस कांस्टेबल के पदों पर समय-समय पर भर्ती के विज्ञापन जारी करता है।
जब आप इस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन करते हैं, तो आपको दो फेज लिखित परीक्षा और फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इन सभी परीक्षाओं में सफल होने के बाद ही आपका चयन कांस्टेबल के पद पर माना जाता है। इसे पास करने पर ही आपका कांस्टेबल पद पर चयन हो पाता है।
जानें कितनी होती है सैलरी
आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार एमपी पुलिस कांस्टेबल की सैलेरी 7वें वेतन आयोग के अनुसार मिलती है। इन पदों पर चयन होने पर उम्मीदवार को 19500 रुपए से 62000 रुपए के बीच सैलरी दी जाएगी। इसके अलावा महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता आदि जैसे विभिन्न घटक की सुविधाएं भी शामिल हैं।
यहां जानें सैलरी स्ट्रक्चर
* पे स्केल 19500-65000 रुपए - 7वें सीपीस इंशियल एमपी पुलिस कांस्टेबल का बेसिक पे 19500 रुपए।
- मकान किराया भत्ता इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस शहर में तैनात हैं।
- महंगाई भत्ता, 6630 या बेसिक पे का 34फीसदी (एमपी के लिए)
- ग्रॉस एमपी पुलिस कांस्टेबल की मंथली सैलरी 26000 रुपए से 30000 रुपए इसके अलावा एमपी पुलिस कांस्टेबल भत्ते और लाभ जैसे महंगाई भत्ता, चिकित्सा भत्ते, यात्रा भत्ते मकान किराया भत्ता, लीव इनकैशमेंट अलाउंस, डिटैचमेंट अलाउंस, सिटी कंपनसेटरी अलाउंस, हाई एल्टीट्यूड अलाउंस जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं।
MP पुलिस कांस्टेबल Working Profile
मध्य प्रदेश पुलिस कांस्टेबल पद के लिए चयनित उम्मीदवारों को पद पर शामिल होने के बाद कई तरह की भूमिकाएं और जिम्मेदारियां सौंपी जाती हैं। इसके बारे में नीचे विस्तार से देख सकते हैं। कांस्टेबल के रूप में उन्हें सभी रिपोर्ट किए गए मामलों के लिए एफआईआर दर्ज करनी होती है और शिकायत से जुड़ी एफआईआर में आवश्यक विवरण भरना होता है। इसके साथ ही मामले की जांच के दौरान सीनियर पुलिस अधिकारियों को सहायता प्रदान करना भी पुलिस कांसटेबल का काम होता है। एमपी पुलिस कांस्टेबल वर्किंग प्रोफाइल में उन्हें सौंपे गए क्षेत्र में गश्त लगाना भी शामिल है। एमपी पुलिस कांस्टेबल की जिम्मेदारी में रिकॉर्ड और कागजी कार्रवाई को बनाए रखना और सभी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपना भी एमपी पुलिस कांस्टेबल की वर्किंग प्रोफाइल में शामिल है।
एमपी पुलिस कांस्टेबल Promotion ग्रोथ
एमपी पुलिस कांस्टेबल के पद के लिए चयनित उम्मीदवारों के लिए कॅरियर या Promotion ग्रोथ के साथ ही कई अवसरों की बेहरीन संभावना होती हैं। कांस्टेबल को उनके वर्क परफॉर्मेंस, सीनियरिटी, अनुभव और संबंधित पद के लिए योग्यता के आधार पर उच्च पदों पर प्रमोट किया जाता है।
ऐसे होता जाता है प्रमोशन
* कांस्टेबल 1. सीनियर कांस्टेबल
2. हेड कांस्टेबल
3. असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर
4. सब इंस्पेक्टर
5. इंस्पेक्टर
6. डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस यानी DSP