
MP Rajya Sabha Election 2026: मध्यप्रदेश की तीन सीटों पर राज्यसभा चुनाव होने वाले हैं। भारत निर्वाचन आयोग ने इसकी तारीखं का ऐलान कर दिया है। इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। जून में तीन सीटें खाली हो रही है, जिसके लिए चुनाव होने वाले हैं। इनमें से दो सीटें भाजपा के पास और एक सीट कांग्रेस के पास है। 18 जून को मतदान होगा।
मध्यप्रदेश में तीन सीटों पर 8 जून 2026 तक नामांकन किए जा सकते हैं। 9 जून को जांच के बाद 11 जून को नाम वापिस लिए जा सकते हैं। 18 जून को मतदान होगा, समय सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक रखा गया है। शाम को ही काउंटिंग शुरू हो जाएगी, कुछ ही घंटों में रिजल्ट घोषित हो जाएगा। चुनाव का ऐलान होते ही भाजपा और कांग्रेस में हलचल तेज हो गई है।
मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटें खाली हो रही है। तीनों ही सांसदों का कार्यकाल 21 जून 2026 को खत्म हो रहा है। इसमें भाजपा की दो सीट और कांग्रेस की एक सीट शामिल है। कांग्रेस के दिग्विजय सिंह का कार्यकाल खत्म हो रहा है, जबकि भाजपा के जॉर्ज कुरियन और सुमेर सिंह सोलंकी का कार्यकाल खत्म हो रहा है।
दिग्वजय सिंह की सीट खाली होने के बाद कांग्रेस को अपना एक उम्मीदवार आगे बढ़ाना है। चुनाव के ऐलान के बाद अब कांग्रेस खेमे में हलचल तेज हो गई है। दावेदारों की सूची में पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन का नाम भी लिया जा रहा है। कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी उनका नाम आगे बढ़ा सकते हैं। इनके अलावा राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि दिग्विजय सिंह ने अंदर ही अंदर अपने भरोसेमंद पूर्व मंत्री पीसी शर्मा का नाम आगे बढ़ाया है। इसके अलावा कांग्रेस के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के नाम की भी चर्चा है। इसके अलावा अचानक कोई ऐसा नाम भी सामने आ सकता है जो मध्यप्रदेश की राजनीति में बड़ा नाम हो सकता है।
भाजपा की दो सीटों पर चौंकाने वाले नाम हो सकते हैं। किसी अन्य राज्य के व्यक्ति को भी मध्यप्रदेश से राज्यसभा में भेजा जा सकता है।
मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव की तीन सीटों के लिए 58 वोटों की जरूरत है, कांग्रेस के पास कुल 66 वोट थे। उसमें से मुकेश मल्होत्रा वोट नहीं डाल पाएंगे। दतिया विधायक राजेंद्र भारती को सजा हो गई और वे अयोग्य घोषित हो गए। इसके अलावा निर्मला सप्रे का वोट भी उन्हें नहीं मिल सकता है। ऐसे में कांग्रेस के पास बचे 63 वोट। इनमें से भाजपा पांच वोट पर सेंध लगाकर क्रास वोटिंग करवा देती है तो तीसरी सीट भी भाजपा के पास जा सकती है। कांग्रेस इस बात का खतरा है। ऐसा ही कुछ हरियाणा के चुनाव में देखने को मिला था।