Mahi Lama- एमपी की माही लामा का विश्व कप के लिए चयन, चीन में करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व, एनआईएस पटियाला में शानदार प्रदर्शन के दम पर मिली बड़ी उपलब्धि
Mahi Lama- वे महज 23 साल की हैं लेकिन जब मुक्के बरसाना शुुरु करती हैं तो हर कोई हैरान रह जाता है। कई सालों से उनके दमदार मुक्के, रिंग में कहर बरपा रहे हैं। एमपी राज्य बॉक्सिंग एकेडमी की यह प्रतिभाशाली बॉक्सर अब वर्ल्ड कप के लिए चीन जा रही है। बॉक्सर माही लामा को एनआईएस पटियाला में आयोजित असेसमेंट रैंकिंग ट्रायल में शानदार प्रदर्शन के बल पर विश्व कप के लिए चुनी गई भारतीय टीम में शामिल कया गया है। उनकी इस उपलब्धि पर पूरे राज्य में खेल जगत में नया उत्साह नजर आ रहा है। खास बात यह है कि माही लामा लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहीं हैं। उन्होंने घंटों प्रेक्टिस की और अथक मेहनत के बल पर बॉक्सिंग में यह मुकाम हासिल किया है।
मध्यप्रदेश राज्य बॉक्सिंग एकेडमी की माही लामा ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। मुक्केबाजी का उनका हुनर अब विश्व कप में दिखेगा। उनकी यह उपलब्धि जहां मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय बन गई है वहीं देश के युवा खिलाड़ियों के लिए भी उन्होंने प्रेरणा प्रस्तुत की है।
चीन के गुइयांग शहर में आयोजित होने वाले विश्व कप में माही लामा भारतीय टीम की ओर से चुनौती पेश करेंगी। यह प्रतियोगिता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा और क्षमता साबित करने का बड़ा अवसर होगी। गुइयांग में बॉक्सिंग विश्वकप 15 जून से 20 जून 2026 तक आयोजित होगा।
विश्वकप के लिए पटियाला में 13 मई से 15 मई तक ट्रायल्स हुए। इसमें माही लामा ने 60 किलोग्राम भार वर्ग में लगातार बेहतरीन जीत दर्ज कर चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने अपने पहले मुकाबले में हरियाणा की मुक्केबाज विंका को 4:1 के अंतर से हराया। इसके बाद दूसरे मुकाबले में महाराष्ट्र की दिशा पाटिल के खिलाफ 5:0 से एकतरफा जीत दर्ज कर अपनी श्रेष्ठता साबित की। लगातार दो प्रभावशाली जीतों के साथ उन्होंने विश्व कप के लिए चयन सुनिश्चित किया।
माही की यह सफलता उनके निरंतर अभ्यास, अनुशासन का परिणाम है। अकादमी में मिल रहे उच्च स्तरीय प्रशिक्षण से उनका हुनर निखरा। माही ने कठिन मुकाबलों में धैर्य और तकनीकी कौशल का शानदार प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं को प्रभावित किया। उनकी उपलब्धि साबित करती है कि समर्पण, मेहनत और सही मार्गदर्शन के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा जा सकता है।