
madhya pradesh tourism: ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और नेचुरल प्लेसेज से रिच माना जाने वाला मध्य प्रदेश ke टूरिस्ट (mp tourism) पर्यटकों को अट्रैक्ट करता रहा है। वहीं मध्य प्रदेश सरकार (mp government) भी टूरिस्ट को लुभाने के लिए टूरिज्म के क्षेत्र में दी जाने वाली सुविधाओं में लगातार इजाफा करती रही है।
हाल ही में मध्य प्रदेश सरकार ने टूरिस्ट को अट्रैक्ट करने के लिए विदेशी तर्ज पर लग्जरी कैरावेन से टूरिज्म (Caravan Tourism) की घोषणा की है। एमपी की मोहन सरकार इस सुविधा को जल्द शुरू करने की तैयारी कर चुकी है। प्राइवेट पार्टनर के साथ मिलकर मोहन सरकार इस सुविधा की शुरुआत करेगी। कैरावेन में टूरिस्ट प्राइवेट जेट जैसी सुविधाओं का लाभ लेकर मध्य प्रदेश टूरिज्म का मजा ले सकेंगे। MP Tourism Development Corporation के अधिकारियों के मुताबिक जल्द ही प्रदेश में ये सुविधा शुरू हो जाएगी।
एमपी को अगर टूरिज्म का खजाना कहें तो गलत नहीं होगा। क्योंकि यहां टूरिज्म की संभावनाओं के कई द्वार खुले हैं। यहां टूरिस्ट को घूमने के लिए उनकी पसंद की कई डेस्टिनेशन मिल जाएंगी। इनमें दो ज्योर्तिलिंग के अलावा चित्रकूट, दतिया, ओरछा, महेश्वर, सलकनपुर जैसे कई धार्मिक स्थल ऐसे हैं जहां देश-दुनिया से टूरिस्ट पहुंचते हैं।
वहीं मध्यप्रदेश को टाइगर स्टेट, लैपर्ड स्टेट, चीता स्टेट जैसे वाइल्ड लाइफ के कई गौरवशाली खिताब मिल चुके हैं। नेचुरल खूबसूरती के साथ ही यहां की वाइल्ड लाइफ को करीब से देखने के लिए टूरिस्ट क्रेजी रहते हैं। प्रदेश के टाइगर रिजर्व में हर साल बड़ी संख्या में टूरिस्ट आते हैं। इसके अलावा हेरिटेज टूरिज्म भी यहां टूरिस्ट को खींच ही लाता है।
कैरावेन की ये सुविधा बाहर से आने वाले टूरिस्ट के लिए बेस्ट ऑप्शन होगी। कैरावेन से टूरिस्ट प्लेसेज पर टूरिस्ट बेफिक्र होकर टूरिज्म का मजा ले सकेंगे। कैरावेन में उनके लिए घऱ जैसी लेकिन लग्जरी और शानदार सुविधाएं होंगी। कैरावेन में अगर एक परिवार सफर कर रहा है, तो हम सोच सकते हैं कि कोई मूवी देख रहा है, तो कोई शावर ले रहा है। किसी ने खाना तैयार कर लिया है, तो कोई सोया है। जीहां कुछ ऐसी रहेगी इस लग्जरी कैरावेन की सुविधाएं…
मध्य प्रदेश सरकार कैरावेन की सुविधा को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड पर शुरू करेगी। इसके लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। कैरावेन टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए केन्द्र और राज्य सरकार की ओर से वित्तीय मदद की जा रही है। इसमें कैरावेन की खरीदी में आने वाले खर्च पर राज्य सरकार की ओर से 25 फीसदी तक की सब्सिडी दी जाएगी।