MP Tourism: ग्लोबल स्क्रीन पर चमकेगा, 80 देशों में दिखेगा हार्ट ऑफ इंक्रेडिबल इंडिया मध्यप्रदेश, भोपाल समेत करीब 10 टूरिस्ट प्लेस और ग्रामीण संस्कृति ने विदेशी फिल्म डायरेक्टर को किया अट्रैक्ट... जीत लिया हर क्रू का दिल
MP Tourism: मध्यप्रदेश की समृद्ध कला, संस्कृति और वन्यजीवन अब सरहदों को पार कर वैश्विक पटल पर अपनी चमक बिखेरने को तैयार है। स्पेन के मशहूर प्रोडक्शन हाउस कलर्स क्युनिकेशन ग्रुप (RTVV) द्वारा निर्मित इंटरनेशनल सीरीज रूरल टूरिज्म ऑफ द वर्ल्ड की शूटिंग इन दिनों प्रदेश (MP Tourism) के विभिन्न अंचलों में जारी है। यह सीरीज जब दुनिया के 80 से अधिक देशों में प्रसारित होगी, तो मध्यप्रदेश का 'अतिथि देवो भव:' वाला अंदाज सात समंदर पार गूंजेगा। स्पेनिश क्रू ने अपनी इस डॉक्यूमेंट्री (MP Tourism) में एमपी की विविधता को पिरोने के लिए यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों से लेकर अनछुए ग्रामीण अंचलों तक का सफर तय किया है।
भोपाल- मेंबड़ा तालाब, जगदीशपुर और पुरानी हवेली के दृश्य शूट किए गए हैं।
रायसेन व सीहोर: मेंसांची स्तूप, तवा डैम और मढ़ई में भी गई टीम।
महेश्वर व मांडू: में नर्मदा घाट और ऐतिहासिक किले भी आए पसंद।
भेड़ाघाट:मेंधुआंधार जलप्रपात और ग्रामीण जीवन ने किया आकर्षित।
सांची और भीमबेटका: इस TV सीरीज (MP Tourism) के लिए क्रू ने प्राचीन इतिहास और पुरापाषाण काल के शैलचित्रों से प्रदेश की ऐतिहासिक गहराई को फिल्माया गया है।
सतपुड़ा और पचमढ़ी: सीरीज में एमपी के सतपुड़ा और पचमढ़ी की बोट सफारी और घने जंगलों के जरिए वन्यजीव पर्यटन की वैश्विक संभावनाओं को उभारा गया है।
महाकाल की नगरी: उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर (MP Tourism) की आध्यात्मिक भव्यता इस सीरीज का एक प्रमुख आकर्षण होगी।
वहीं स्पेनी फिल्म डायरेक्टर जुआन फ्रूटोस ने तामिया, साबरवानी और धुसावानी जैसे ग्रामीण क्षेत्रों के बीच रहकर हुए अपने अनुभवों को जादुई बताया। उन्होंने कहा कि अगर आप असली भारत को समझना चाहते हैं, तो यहां आना ही होगा। यहां की गोंड पेंटिंग, स्थानीय खान-पान और होमस्टे के खास अनुभवों ने अंतरराष्ट्रीय टीम को काफी प्रभावित किया है।
यह स्पेन के साथ हुए एमओयू का बड़ा नतीजा (MP Tourism) है। एमपी अब केवल घूमने के लिए नहीं, बल्कि शूटिंग के लिए भी दुनिया की पसंद बनता जा रहा है। आने वाले समय में ऐसे कई और वैश्विक फिल्म एवं कंटेंट प्रोडक्शन प्रोजेक्ट्स देखने को मिलेंगे।
-डॉ. इलैयाराजा टी., प्रबंध संचालक, एमपीटीबी