
MP News :मध्य प्रदेश का नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय भी गजब है। यहां अफसरों से ज्यादा तो कंसल्टेंट काम कर रहे हैं। राज्य में स्टेट कैडर के अफसरों की संख्या 1000 है, जबकि कंसल्टेंट 1100 से ज्यादा रखे हुए हैं। विभाग उन्हें सलाह लेने के नाम पर हर महीने 8 करोड़ रुपए दे भी रहा है। इसके अलावा नगरीय निकायों ने अलग कंसल्टेंट नियुक्त कर रखे हैं।
केंद्र सरकार की मदद से प्रदेश में अमृत 2.0, हाउसिंग फॉर ऑल, स्वच्छ भारत मिशन, स्मार्ट सिटी जैसी योजनाओं पर काम चल रहा है। राज्य की भी कई योजनाओं के लिए बड़ी संख्या में कंसल्टेंट तैनात किए गए हैं। यानी रुल मिलाकर देखें तो पूरा विभाग कंसल्टेंट के भरोसे ही चल रहा है।
नगरीय विकास विभाग के एसीएस संजय दुबे का कहना है, एक साल में 300 कंसल्टेंट को बाहर किया गया है। जिनका काम ठीक नहीं है, उन्हें बाहर किया जा रहा है। प्रदेश में 413 निकाय हैं। विभाग में योजनाएं और कार्यक्रम ज्यादा हैं, इसलिए कंसल्टेंट की जरूरत तो पड़ती है।
दिसंबर 2025 तक 1383 कंसल्टेंट काम कर रहे थे। अभी 1139 हैं। हद तो ये है कि, निकायों में पेयजल, सीवेज, ग्रीन एरिया डेवलपमेंट की योजना अमृत 2.0 के लिए ही 900 से अधिक कंसल्टेंट रखे गए हैं। इसमें केपीएमजी एडवायजरी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के 42, एजिस इंडिया कंसल्टिंग इंजीनियर्स के 179, शाह टेक्निकल कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड के 277, टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स के 222, आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट के 179 कंसल्टेंट हैं। सभी को हर माह 5.92 करोड़ रुपए दिए जा रहे हैं। खास बात ये है कि, योजना अवधि 2028 तक करार किया गया है। अनुबंध फरवरी- अप्रैल, 2028 में खत्म होंगे। यानी तब तक उन्हें हर साल 72 करोड़ का भुगतान किया जाएगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लिए एजिस इंडिया कंसल्टिंग इंजीनियर्स प्रालि को कंसल्टेंट नियुक्त किया गया था। फर्म के साथ मार्च, 2017 में करार किया गया। कंपनी के 218 कंसल्टेंट थे। उन्हें हर महीने 1.27 करोड़ रुपए दिये जाते थे। कंसल्टेंट से करार 31 दिसंबर, 2025 तक के लिए था। यानी साढ़े आठ साल तक एक ही कंसल्टेंट फर्म पीएमएवाय का काम संभालती रही।
फायर सेल के लिए अर्नस्ट एंड यंग एलएलपी के 4 कंसल्टेंट का करार 21 अक्टूबर, 2025 तक था। उसे हर माह 14.05 लाख रुपए दिए जाते थे। स्मार्ट सिटी के लिए अर्नस्ट एंड यंग एलएलपी का करार 31 मार्च 2025 तक था। फर्म को 7 कंसल्टेंट के लिए 27.84 लाख मासिक का पेमेंट दिया। वहीं, एडीबी से चल रही योजनाओं के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंसल्टेंट्स का ऑपरेशन रिसर्च ग्रुप के साथ जेवी को कंसल्टेंट दिया। 8 सलाहकारों को 5.53 लाख रुपए दिए। करार 15 मार्च-26 तक।
-स्वच्छ भारत मिशन : केपीएमजी एडवायजरी सर्विसेज प्रालि के 43 कंसल्टेंट काम कर रहे। फर्म को 64 लाख रुपए प्रति माह भुगतान। 2 अक्टूबर 2026 तक करार।
-जर्मन बैंक KFW से सहायता प्राप्त योजनाएं : जीटेक के 27 सलाहकार को 85 हजार यूरो प्रति माह भुगतान। अगले माह अनुबंध समाप्त।
-एशियाई विकास बैंक से सहायता प्राप्त योजनाएं : एसएमईसी इंटरनेशनल के साथ एसएमईसी (इंडिया) का संयुक्त उपक्रम। 126 सलाहकारों को 1.34 करोड़ प्रति माह भुगतान। इसके अलावा, शाह टेक्निकल कंसल्टेंट से लेक्सस का संयुक्त उपक्रम के 6 सलाहकार, प्रति माह 5 लाख भुगतान।
-नमामि गंगे : एनजेएस इंजीनियरिंग प्रालि के 33 कंसल्टेंट। अप्रेल-27 तक करार।
-सिंहस्थ : ग्रांट थोमटन भारत एलएलपी फर्म के 13 कंसल्टेंट को प्रति माह 24 लाख। आइटी प्रोजेक्ट मैनेजमेंट अर्नस्ट एंड यंग एलएलपी के 12 सलाहकार काम कर रहे।