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भोपाल में शटर टेम्परिंग, ATM से केश निकालता था इंजीनियरिंग छात्र, 22 मशीनों से 20 लाख उड़ाने वाले 6 पकड़ाए

ATM Shutter Tampering : जहां सुबह गार्ड नहीं होता था उसी एटीएम में मास्टर चाबी से आरजीपीवी का इंजीनियरिंग छात्र लगाता था सेंध। शाहपुरा पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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ATM Shutter Tampering

ATM Shutter Tampering (भोपाल में ATM शटर टेम्परिंग Photo Source- Patrika)

Bhopal News :मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की अलग - अलग एटीएम मशीनों से केश चोरी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। अबतक की जांच और पूछताछ में हुए खुलासे के अनुसार, शातिर बदमाश बीते एक माह में शहर के शाहपुरा, अशोक गार्डन और कोलार में स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की करीब 22 एटीएम मशीनों से शटर टेम्परिंग कर 22 लाख रुपए चोरी कर चुके हैं। फिलहाल, शाहपुरा पुलिस ने इस अंतरराज्यीय गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने इस मामले में शटर टेम्परिंग गैंग के मास्टरमाइंड सोनू उर्फ विपुल, प्रिंस गुप्ता, साकेत खेतान, साहिल अली, आसिफ आलम, मो. सगीर को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 50 हजार रुपए नकद और वारदात में इस्तेमाल कार भी जब्त की गई है। सरगना सोनू बिहार का रहने वाला है। वो भोपाल में आरजीपीवी से कम्प्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में फाइनल ईयर का छात्र है। उसने साथी प्रिंस गुप्ता के साथ मिलकर पूरी साजिश रची। बिहार से अपने 4 साथियों को बुलाया। फिर वारदातों को अंजाम देना शुरु किया। पुलिस ने सभी के बैंक खाते फ्रीज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

नकदी फंसाने की तकनीक अपनाई

अबतक की जांच में पता चला है कि, शातिर बदमाशों द्वारा शहर की कई एटीएम मशीनों के कैश स्लॉट और शटर को नुकसान पहुंचाया गया है। चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए कैश डिस्पेंसर में धातु की पतली पट्टी और अन्य उपकरण लगाकर नकदी फंसाने की तकनीक अपनाई थी।

मास्टर चाबी से खोलते थे एटीएम का शटर

मामले की जांच में जुटी पुलिस ने बताया कि, शातिर बदमाश पहले से रेकी कर ऐसे एटीएम चुना करते थे, जहां सुबह गार्ड मौजूद नहीं रहते। मास्टर चाबी से कैश स्लॉट हिस्से में छेड़छाड़ करते थे। कैश डिस्पेंसर के पास ऐसी सेटिंग करते थे कि, ग्राहकों के रुपए मशीन में ही फंस कर नीचे गिर जाते थे।

गिरोह के सदस्य दूर से एटीएम पर नजर रखते थे। जब ग्राहक के रुपए बाहर नहीं आते। तब एक सदस्य जाकर ग्राहक से कहता मशीन में कैश खत्म हो गया है। ग्राहक के जाने के बाद वे शटर खोलकर उसमें फंसे रुपए निकालकर फरार हो जाया करते थे। इस तरह मशीन से पैसा कटने के कारण ग्राहक के खाते से रकम भी कट जाती थी।
पहले भी आए मामले, पर यह सबसे अलग

भोपाल में पहले भी एटीएम कार्ड क्लोनिंग, स्किमर लगाने, कैश ट्रैपिंग और शटर टेम्परिंग जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लेकिन, इस बार शातिर बदमाशों द्वारा अपनाया जा रहा तरीका उनमें अलग है। इसमें कैश डिस्पेंसर और शटर से छेड़छाड़ कर नकदी फंसाई जाती है। बाद में ग्राहक के इस्तेमाल करने के बाद रुपए निकाल लिए जाते हैं।

ऐसे पहचानें एटीएम से छेड़छाड़

-एटीएम का कैश स्लॉट टेढ़ा, ढीला या आधा खुला दिखाई दे।
-शटर पर टेप, गोंद, प्लास्टिक या धातु का कोई सामान अतिरिक्त लगा हो।
-मशीन से पैसे न निकलें, लेकिन खाते से राशि कट जाए।
-कोई संदिग्ध व्यक्ति लंबे समय तक एटीएम के आसपास मंडराता दिखे तो सतर्क हो जाएं।