
MP Weather Update :मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। हालांकि, मौजूदा समय में इसकी रफ्तार धीमी है। ज्यादातर जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवा चलने की संभावना है। वहीं, कुछ जिलों में बारिश का दौर भी जारी है। वहीं, राजधानी भोपाल में स्थित राज्य मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से आज सोमवार 27 जुलाई 2026 के लिए प्रदेश के सभी जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। जबकि, 6 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जबकि शेष जिलों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है।
खेती-किसानी के मद्देनजर गौर करें तो इस समय अच्छी बारिश प्रदेश के किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, लेकिन मौजूदा समय में अधिकतर इलाकों में हुई कम बारिश ने किसान की चिंता भी बढ़ा रखी है। धान की बुवाई के साथ मौसमी फसलों की खेती की जा रही है। अगर बारिश रफ्तार पकड़ती है तो ये किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगी।
मौसम विभाग के अनुसार, आज प्रदेश के बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल और उमरिया जिले में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौजूदा स्थितियों पर गौर करें तो यहां 64.5 मि.मी से लेकर 115.5 मि.मी तक बारिश होने का अनुमान है। जबकि, बाकी जिलों की तरह यहां भी गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। संबंधित जिलों के लिए विभाग की ओर से नागरिकों को सावधान रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, भारी बारिश वाले इलाकों में मौसम के अपडेट्स लेने के बाद ही घर से निकलें।
मौसम में हुए बदलाव के पीछे दबाव क्षेत्र और मानसून ट्रफ की सक्रियता है। मानसून ट्रफ एमपी के श्योपुर, दतिया और सीधी जिले के ऊपर से गुजर रही है। इन तमाम मौसमी हलचलों के चलते राज्य में नमी बनी हुई है। जबकि, कुछ जिलों में हल्की से लेकर भारी बारिश का दौर देखने को मिल रहा है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने बारिश और आंधी-तूफान को देखते हुए विशे,कर किसानों को सलाह दी गई है कि, वे खेतों में जल निकासी की बेहतर व्यवस्था बनाएं। क्योंकि, खेत में जरूरत से ज्यादा पानी भी फसलों के लिए नुकसानदायक साबित होता है। इसके अलावा कटी हुई फसलों, चारे आदि को तिरपाल से सुरक्षित ढककर रखने की अपील भी की गई है। वहीं, आम नागरिकों को सलाह दी गई है कि, बिजली चमकने के दौरान पेड़ों, खुले खेतों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। मौसम बिगड़ने पर सुरक्षित पक्के मकानों के नीचे रहें। भारी बारिश के दौरान घरों से बाहर निकलने से बचें। फिर भी अगर बहुत जरूरी हो तो पूरी सावधानी के साथ निकलें।