MP News: नगर निगम एक्ट के अर्तंगत दैनिक वेतन भोगी को दरोगा नहीं बनाया जा सकता है।
MP News: एमपी के भोपाल शहर में नगर निगम का नया कारनामा एक बार फिर चर्चा में है। यहां वैक्सीनेटर यानि इंजेक्शन लगाने वाले कर्मी को बिल्डिंग परमिशन शाखा कर्मचारी बनाया गया है। इसी प्रकार 25 दिवसीय दैनिक वेतन भोगी संजय को जोन 13 में सफाई दरोगा बना दिया गया है जबकि लिखित आदेश कैलाश के नाम पर जारी हुए थे। नगर निगम एक्ट के अर्तंगत दैनिक वेतन भोगी को दरोगा नहीं बनाया जा सकता और वेक्सीनेटर को निगम के अस्पताल में पदस्थ किया जाता है। मामले की शिकायत निगमायुक्त से हुई है।
निगमायुक्त ने इसी महीने रिश्वतकांड के वीडियो वायरल होने के बाद बरसों से एक ही पद पर जमे बाबूओं और अफसरो को हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन जिसमें केवल तीन कर्मियों को हटाया है। अपर आयुक्त वरुण अवस्थी ने आदेश जारी कर अभी केवल इंजीनियर राजाराम अहिरवार, उमाशंकर शर्मा एवं पुंडरिक द्विवेदी को हटाया है।
इंजीनियर लालजी चौहान ने वर्ष 2010 से अब तक बिल्डिंग परमिशन सेल में ही पूरी नौकरी की। एई महेश सिरोहिया ने 22 साल, नंदकिशोर डेहरिया ने भी 2003 से अब तक एवं डीके सिंह राजधानी परियोजना प्रशासन से प्रतिनियुक्ति पर आकर वर्ष 2018 से अब तक एक ही विभाग में जमे हैं।