मध्यप्रदेश के तीन स्थानों के नाम बदलने को लेकर राज्य सरकार ने भेजी थी सिफारिश...।
भोपाल। कई वर्षों से चला आ रहा होशंगाबाद और बाबई का नाम बदलने का इंतजार अब खत्म हुआ केंद्र सराकर ने भी नाम परिवर्तन को मंजूरी दे दी है। गौरतलब है कि नर्मदा जयंती से पहले होशंगाबाद का नाम बदलने को काफी अहम माना जा रहा है।
हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम रानी कमलापति रेलवे स्टेशन करने के बाद अब मध्यप्रदेश के तीन और स्थानों का नाम बदलने को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी। प्रदेश की तीन ऐतिहासिक शहर होशंगाबाद, बाबई और शिवपुरी अब नए नाम से जाने जाएंगे। मालवा के शासक रहे होशंग शाह के नाम पर होशंगाबाद का नाम चला आ रहा था, जिसे बदलकर नर्मदापुरम किया जा रहा है। इसी प्रकार कवि एवं पत्रकार माखनलाल चतुर्वेदी के नाम पर बाबई को अब माखन नगर किया जा रहा है। जबकि शिवपुरी का नाम कुंडेश्वर मंदिर के नाम पर कुंडेश्वर धाम किया जा रहा है।
राज्य सरकार ने यह प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था, जो काफी समय से लंबित था। अब केंद्र सरकार ने भी अंतिम मोहर लगा दी है। अब इस पर प्रदेश सरकार की ओर से की जाने वाली औपचारिकताएं की जाएंगी।
नामकरण के लिए जो गाइडलाइन है उसके मुताबिक किसी भी शहर, कस्बा या गांव का नाम बदलने के लिए राज्य सरकार केंद्र सरकार से एनओसी हासिल करती है। इसके बाद केंद्र अपने तीन प्रमुख विभागों इंटेलिजेंस ब्यूरो, जियोग्राफीकल सर्वे और अर्थसाइंस से इस बारे में रिपोर्ट लेता है। इनसे रिपोर्ट मिलने पर केंद्र सरकार प्रस्ताव को मंजूरी देती है।
नाम पर चल रही है राजनीति
मध्यप्रदेश में पिछले कुछ समय से नाम पर राजनीति चल रही है। नाम बदलने को लेकर विरोध भी किए जाते हैं। फिलहाल हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम गोंडरानी कमलापति के नाम पर किया गया। जिस पर काफी विवाद भी हुआ था। इसके पहले प्रदेश सरकार ने मिंटो हाल का नाम भी बदलकर कुशाभाऊ ठाकरे के नाम पर कर दिया था। इसके अलावा इस्लाम नगर का नाम जगदीशनगर करने और ईदगाह हिल्स का नाम गुरुनानक टेकरी करने की भी मांग काफी समय से चल रही है। वहीं इंदौर का नाम भी देवी अहिल्याबाई के नाम पर करने की मांगें उठ चुकी है।