
National Cancer Awareness Day 2024: तंबाकू की लत है तो आज ही छोड़ें। ओरल कैंसर के मामले हर साल 4 फीसदी बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मुंह में तीन अंगुली से ज्यादा नहीं जाती और व्यक्ति तंबाकू का सेवन करता है तो यह कैंसर का लक्षण हो सकता हैं। एम्स निदेशक डॉ. अजय सिंह ने बताया, ओरल हेल्थ सर्वे मानिटरिंग मोबाइल एह्रश्वलीकेशन तैयार की है। इससे ओरल हेल्थ डेटा बैंक बनेगा, जो रोग के रोकथाम में मदद करेगा।
स्वास्थ्य विभाग मध्य प्रदेश में कैंसर के इलाज की व्यवस्था सुधारने को नई पॉलिसी तैयार कर रहा है। इसमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में किस तरह के कैंसर रोगी ज्यादा हैं। उसके आधार पर इलाज का विस्तार किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग थर्मल इमेजिंग और एआइ से ब्रेस्ट कैंसर की जांच करेगा।
यह तकनीक प्रदेश के 351 स्वास्थ्य संस्थानों में शुरू होगी। हाल में इस कड़ी में एम्स ने प्रदेश में कैंसर सर्वे किया। इसमें में 47,837 व्यक्तियों ने भाग लिया, जो 41 जिलों से शामिल थे। इनमें से 58.7 फीसदी ग्रामीण और 41.3 फीसदी शहरी क्षेत्र से थे।
कैंसर के इलाज के लिए गांधी मेडिकल कॉलेज में 30 करोड़ की लागत से नया सेटअप तैयार किया जा रहा है। जिसमें एडवांस तकनीक से लैस डुअल एनर्जी लीनेक मशीन से होगी।
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) की कैंसर बेस्ड रजिस्ट्री रिपोर्ट के अनुसार, भोपाल में प्रति एक लाख की आबादी में 16.1% लोग ओरल कैंसर से पीडि़त मिले। भोपाल इस मामले में देश में दूसरे स्थान पर है। 16.9 फीसदी ओरल कैंसर के मरीजों के साथ अहमदाबाद पहले स्थान पर है। इस रिपोर्ट में देश के 40 शहरों को शामिल किया है।
1. तंबाकू और धूम्रपान तुरंत बंद करें। अल्कोहल का सेवन माह में दो बार से ज्यादा नहीं करें। जंक फूड, पैक्ड फूड (चिप्स, जूस, सॉफ्ट ड्रिंक), प्रिजर्वेटिव वाले भोजन से दूरी बनाएं।
2. भोजन में फाइबर की मात्रा अधिक होनी चाहिए। रोज 4 से 7 तरह के फल और सब्जियां डाइट में शामिल होनी चाहिए।
3. दिन में रोजाना 30 मिनट की व्यायाम और 10 हजार कदम चलना जारूरी। इससे शरीर में पहुंचने वाला भोजन पूरी तरह से उपयोग हो। यह जब शरीर में जमने लगता है, तब 8 तरह के कैंसर का खतरा पैदा होता है।
4. हरित वातावरण में समय बिताएं। जहां आप रहते हैं वहां पेड़-पौधे हैं तो अच्छी बात है, यदि नहीं तो सुबह किसी पार्क में जाएं।
5. तनाव से दूरी जरूरी है, जिससे शरीर में हार्मोनल बैलेंस बना रहे।
6. साल में एक बार फुल बॉडी चेकअप कराएं।
7. रोजाना 8 घंटे की नींद जरूर लें।
महिलाओं में होने वाले कुल कैंसर के मामलों में 12% केस सर्वाइकल कैंसर (बच्चेदानी का कैंसर) के होते हैं। बेहतर इलाज के लिए एम्स में 35 लाख रुपए की लिक्विड बेस्ड साइटोलॉजी तकनीक बेस्ड मशीन लगाई गई है।
प्रदेश में एस में इयुनोथेरेपी की मदद से स्टेज 4 कैंसर से ग्रसित मरीजों का सफल इलाज हुआ है। जिससे इलाज के नए रास्ते खुले हैं। इस प्रक्रिया को तब अपनाया जाता है जब कीमो सहित अन्य दवाएं काम करना बंद कर देती हैं। मरीज में इयूनोथेरेपी से इयूनिटी को बढ़ा कर कैंसर को हराया जाता है।