भोपाल

NCRB report: छोटी-छोटी बातों और महंगे शौक ने 18 से 30 साल के युवाओं को बना दिया अपराधी

एनसीआरबी की ताजा रिपोर्ट में खुलासा, प्रदेश में 24157 अंडर ट्रायल आरोपी, इनमें 13116 युवा
2 min read
• •
Updated: 8 Sep 2020, 12:55 PM IST
ncrb2.png

भोपाल। वक्त के साथ अपराध के स्वरूप और उसके तरीके में भी बदलाव आ रहा है। चिंता की बात है कि अपराधियों में आधे से ज्यादा की उम्र 18 से 30 साल के बीच है। पढ़ाई और करियर बनाने की उम्र में युवा वर्ग अपराध की राह पकड़ रहा है।

एनसीआरबी की ताजा रिपोर्ट से इसका खुलासा हुआ है। 2019 के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में 54 प्रतिशत से ज्यादा अंडर ट्रायल आरोपी हैं, जो 18 से 30 साल के हैं। 36 फीसदी 30 से 50 साल की उम्र के हैं। कैदियों की संख्या में ये आंकड़ा करीब-करीब बराबर का है।

रिपोर्ट के मुताबिक 2019 में प्रदेश में अंडर ट्रायल आरोपियों की संख्या 24157 थी। इनमें 18-30 साल के बीच के युवाओं की संख्या 13116 यानी 54.3 प्रतिशत थी। दूसरे नंबर पर 30 से 50 साल के लोग आते हैं। इनकी संख्या 8898 यानी 36.8 प्रतिशत रही। 50 साल से ऊपर की उम्र के अंडर ट्रायल आरोपियों की संख्या 2143 यानी 8.9 फीसदी थी। वहीं मध्यप्रदेश में कैदियों की संख्या 20253 है, जबकि सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में यह संख्या 27612 है।

बदल गया ट्रेंड

रिटायर्ड डीजी आरएलएस यादव कहते हैं कि एक दशक पहले तक संपत्ति संबंधी अपराध ज्यादा होते थे। अब इनकी जगह हिंसात्मक अपराधों ने ले ली है। लड़ाई, झगड़े और महंगी वस्तुओं की चोरी की वारदातें होती हैं। 18 से 30 साल के युवा शामिल होते हैं। कम कमाई में महंगे शौक और छोटी-छोटी बातों पर मारपीट ने इस ट्रेंड को युवाओं की तरफ मोड़ दिया है।

Published on: