12 अगस्त 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

twisha case 7 दिन बाद जेल से बाहर आ सकते हैं गिरिबाला सिंह और समर्थ, सीबीआई पर बढ़ा दबाव

twisha sharma case ट्विशा केस में सीबीआई पर बढा चार्जशीट दाखिल करने का दबाव, गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को मिल सकती है राहत
2 min read
Google source verification
pressure mounts on cbi to file charge sheet in twisha case

Twisha Sharma Case(Photo Source - Patrika)

twisha case मॉडल और फिल्म अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में सीबीआई को बड़ा झटका लगा है। मंगलवार को CBI कोर्ट ने आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की हिरासत अवधि 19 अगस्त तक बढ़ाने की उसकी मांग नहीं मानी। कोर्ट ने दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत सिर्फ 17 अगस्त तक ही बढ़ाई। इसी के साथ CBI को अपनी जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल करने का भी निर्देश दिया। कोर्ट के इस रुख के बाद ट्विशा शर्मा केस में 17 अगस्त की तारीख बेहद अहम हो गई है। CBI पर दबाव बढ़ गया है। चार्जशीट प्रस्तुत नहीं किए जाने पर आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को जमानत का लाभ मिल सकता है। दोनों जेल से बाहर आ सकते हैं। खास तौर पर समर्थ सिंह की 90 दिन की हिरासत अवधि 19 अगस्त तक पूरी हो जाएगी। चार्जशीट पेश नहीं होने पर उसे जमानत का लाभ मिल सकता है।

चार्जशीट दाखिल नहीं होने पर आरोपी वैधानिक जमानत पा सकते

ट्विशा शर्मा केस में केंद्रीय जांच एजेंसी पर अब दबाव खासा बढ़ गया है। कोर्ट ने उसे 17 अगस्त तक चार्जशीट हर हाल में अदालत में पेश करने को कहा है। मामले में दोनों आरोपियों की वैधानिक अवधि इसी माह खत्म होने वाली है. 90 दिनों की तय समय सीमा में चार्जशीट दाखिल नहीं होने पर आरोपी वैधानिक जमानत पा सकते हैं।

आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए में कोर्ट में पेश किया गया था। यहां अदालत ने सीबीआई पर सख्ती दिखाई। सुनवाई के दौरान CBI अधिकारियों ने आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की हिरासत अवधि 19 अगस्त तक बढ़ाने की मांग की। कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया, आरोपियों को केवल 17 अगस्त तक ही न्यायिक हिरासत में रखने को कहा।

आरोपियों को केवल 17 अगस्त तक ही न्यायिक हिरासत में रखने को कहा

CBI कोर्ट का सख्त रुख जारी रहा। कोर्ट ने CBI को 17 अगस्त तक चार्जशीट दाखिल करने के लिए भी कहा। कानूनी विशेषज्ञों और अधिवक्ताओं के अनुसार कोर्ट ने जांच एजेंसी के सामने तय समय सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल करने का दबाव बढ़ा दिया है। 17 अगस्त को चार्जशीट पेश कर दिए जाने की स्थिति में जांच से जुड़े आरोप और साक्ष्य कोर्ट के समक्ष आ जाएंगे। लेकिन ऐसा नहीं होने पर आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की जेल से बाहर आने की राह खुल जाएगी। समय सीमा में चार्जशीट पेश नहीं किया जाना आरोपियों के लिए डिफॉल्ट बेल का आधार बन सकता है। दोनों आरोपी वैधानिक जमानत की मांग करेंगे।

12 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

बता दें कि ट्विशा शर्मा की 12 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। वे मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं। 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा ने कुछ दक्षिण भारतीय फिल्मों में काम किया था। वे माडलिंग भी करती थीं। दिसंबर 2025 में उनकी शादी भोपाल के वकील समर्थ सिंह से हुई थी। शादी के महज पांच महीने बाद ट्विशा शर्मा की मौत हो गई जिसको लेकर मायके पक्ष और ससुराल पक्ष के बीच खासा विवाद हो गया। ट्विशा के मां पिता और भाई ने पति समर्थ सिंह व सास गिरिबाला सिंह पर दहेज हत्या और दहेज प्रताड़ना के आरोप लगाए। इधर ससुराल पक्ष का कहना है कि ट्विशा ने मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या की। CBI पूरे केस की जांच कर रही है।