
आइएएस अधिकारी दीप्ति मुखर्जी - image patrika.com
deepti mukherjee एमपी की सीनियर आइएएस दीप्ति गौड़ मुखर्जी को केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा सचिव की अहम जिम्मेदारी सौंपी है। इस संबंध में कार्मिक मंत्रालय ने संशोधन आदेश जारी किया। केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति की मंजूरी के बाद दीप्ति मुखर्जी को उच्च शिक्षा विभाग की सचिव नियुक्त किया गया है। नीट पेपर लीक विवाद पर देशभर में मचे बवाल के बाद उन्हें यह दायित्व दिया जाना काफी अहम माना जा रहा है। दरअसल आइएएस दीप्ति गौड़ मुखर्जी को नियम कानूनों पर बेहद सख्ती के लिए जाना जाता है। गलत कामों को तुरंत ठुकरा देने की प्रवृत्ति के कारण ही उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
केंद्र सरकार ने 10 अगस्त को IAS दीप्ति गौड़ मुखर्जी को देश का नया हायर एजुकेशन सेक्रेटरी अपॉइंट किया। वे वर्तमान में कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय में सचिव के पद पर कार्यरत हैं। आईएएस दीप्ति गौड़ मुखर्जी विनीत जोशी की जगह लेंगी। जोशी को पिछले माह पंचायती राज मंत्रालय का सेक्रेटरी बना दिया गया था।
दीप्ति मुखर्जी मूलत: उत्तरप्रदेश की हैं। उनका जन्म 3 फरवरी 1969 को हुआ था। दीप्ति मुखर्जी की अर्थशास्त्र और पब्लिक पॉलिसी में गहरी रुचि थी। इन दोनों ही विषयों में उन्होंने हायर स्टडी भी की।
स्कूली शिक्षा के बाद दीप्ति मुखर्जी ने दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी JNU से अर्थशास्त्र में मास्टर्स डिग्री ली। इसके बाद वे लंदन चली गईं। दीप्ति मुखर्जी ने वहां के लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस में प्रवेश लिया। उन्होंने यहां से पब्लिक मैनेजमेंट और गवर्नेंस में MSc की।
दीप्ति मुखर्जी सन 1993 में IAS चुनी गई। उन्हें मध्यप्रदेश कैडर की अधिकारी के तौर पर शामिल किया गया। दीप्ति मुखर्जी ने IAS अधिकारी के रूप में विभिन्न जिलों में कलेक्टर के साथ ही मध्यप्रदेश सरकार में कई वरिष्ठ प्रशासनिक पदों की जिम्मेदारी संभाली। 1997 में भोपाल में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में अंडर सेक्रेटरी रहीं। 2010 में मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग में डायरेक्टर बनीं थीं।
केंद्र सरकार की हायर एजुकेशन सेक्रेटरी बनते ही दीप्ति गौड़ मुखर्जी सुर्खियों में आ गई हैं। वर्तमान हालातों में यह सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। नीट पेपर लीक मामले के बाद देश के शिक्षा मंत्रालय की साख पर सवाल उठ रहे हैं। आइएएस दीप्ति गौड़ मुखर्जी के सामने कठिन चुनौती है। वे बेहद सख्त मिजाज अधिकारी मानी जाती हैं। नियम कानूनों की पाबंद हैं। विधि विरुद्ध कामों को आइएएस दीप्ति गौड़ मुखर्जी तुरंत ठुकरा देती हैं। प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार कड़े तेवरों ने ही उन्हें यह बड़ा दायित्व दिलाया है।
आइएएस दीप्ति गौड़ मुखर्जी 2024 से अब तक कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय की सेक्रेटरी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) की CEO जैसे महत्वपूर्ण दायित्व निभा चुकी हैं। वे राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की सीईओ रह चुकी हैं। दीप्ति गौड़ मुखर्जी ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के क्रियान्वयन की अहम जिम्मेदारी निभाई। वे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव भी रह चुकी हैंं।
एमपी में आइएएस दीप्ति मुखर्जी को उनके मातहत रहे अधिकारी कर्मचारी नियमों की पाबंद अफसर के रूप में याद करते हैं। वे बताते हैं कि आइएएस दीप्ति को नियम विरुद्ध काम तुरंत ठुकराते देखा है। अपने कड़े तेवरों की बदौलत यह बड़ा दायित्व निभाने में वे कामयाब रहेंगी।
Updated on:
12 Aug 2026 09:05 am
Published on:
12 Aug 2026 08:25 am
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