भोपाल

यहां 6 घंटे में एक लड़की के साथ होता है रेप, सुप्रीम कोर्ट बोला- देश में यह क्या हो रहा है

देश में हर 6 घंटे में एक लड़की के साथ होता है रेप, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- देश में यह क्या हो रहा है

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Aug 07, 2018
madhya pradesh
यहां 6 घंटे में एक लड़की के साथ होता है रेप, सुप्रीम कोर्ट बोला- देश में यह क्या हो रहा है

भोपाल। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को देशभर में बढ़ती रेप की घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा है कि इसे गंभीरता से लेना चाहिए। कोर्ट ने सरकारों को लताड़ लगाते हुए कहा है कि हर 6 घंटे में एक लड़की के साथ रेप की घटनाएं हो रही है, देश में यह क्या हो रहा है। कोर्ट ने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का भी हवाला दिया।

देश की शीर्ष अदालत ने मंगलवार को रेप की वारदातों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक मध्यप्रदेश देश में नंबर वन है। वहीं उत्तरप्रदेश नंबर दो पर है। कोर्ट ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस गंभीर मामले पर कोई कुछ करता क्यों नहीं है। NCRB की रिपोर्ट के मुताबिक देश में हर 6 घंटे में रेप की एक लड़की शिकार हो रही है। 38,000 हजार से अधिक रेप के मामले दर्ज किए जा चुके हैं।

क्या कहते हैं NCRB के आंकड़े
NCRB के आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में महिलाओं की वास्तविक स्थिति ठीक नहीं है। साल 2015-16 के इन जारी आंकड़ों के अनुसार देशभर में रेप की सबसे ज्यादा घटनाएं मध्य प्रदेश में हुई हैं।
-मध्य प्रदेश ही इकलौता ऐसा राज्य बन चुका है, जिसमें साल दर साल रेप की घटनाएं घटने के बजाए बढ़ती जा रही हैं।
-ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पिछली बार से प्रदेश में रेप के मामलों में 12.5 प्रतिशत की वृद्धि भी हुई है।
-साल 2015-16 में देशभर में रेप के कुल 38 हजार 947 मामले दर्ज किए गए, जिनमें अकेले मध्य प्रदेश में ही 4 हजार 882 मामले सामने आए हैं।
-पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश की स्थिति दूसरे नंबर की है। यहां पर रेप के 4 हजार 816 मामले दर्ज किए गए हैं, वहीं महाराष्ट्र में 4 हजार 189 मामले दर्ज किए गए।


महिला अपराधों में आगे है एमपी
मध्य प्रदेश की स्थिति यहां पर भी खराब है। आंकड़ों के मुताबिक महिलाओँ के साथ शील भंग करने के उद्देश्यपूर्वक किए गए अपराधों में मध्य प्रदेश तीसरे स्थान पर है। साल 2015-16 में इस तरह के कुल 84 हजार 746 मामले दर्ज किए गए, जिनमें मध्य प्रदेश में ऐसे 8717 मामले सामने आए। सबसे ज्यादा खराब स्थिति महाराष्ट्र की रही, जहां ऐसे 11 हजार 396 मामले दर्ज किए गए वहीं उत्तर प्रदेश में 11 हजार 334 मामले सामने आए।

Published on:
07 Aug 2018 03:01 pm