भोपाल

MP News: सरकारी कर्मचारी सीट से उठे तो लगेगी ‘शॉर्ट लीव’, शुरु होगी ‘अटेंडेंस’ की नई व्यवस्था

MP News: मध्यप्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की अटेंडेंस की लिए नया साफ्वेटयर तैयार किया जा रहा है....जल्द ही इस लागू किया जाएगा।

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May 18, 2026
new attendance system for government employees(Photo Source - Patrika)

MP News: मध्यप्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के लिए नई खबर सामने आ रही है। जानकारी के लिए बता दें कि प्रदेश के 5.50 लाख सरकारी कर्मचारियों की बायोमैट्रिक अटेंडेंस के लिए सॉफ्टवेयर तैयार करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) से सैद्धांतिक सहमति मिलने के बाद यह काम एमपीएसईडीसी को सौंप दिया गया है। साथ-ही साथ सरकारी ऑफिसों में मशीनों की खरीदी और वेंडर चयन का काम भी शुरु हो गया है। इसके लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं।

एमपीएसईडीसी जो सिस्टम तैयार कर रहा है, उसमें कर्मचारी के मशीन पर पंच करते ही उसका लॉग-इन सीधे केंद्रीय सर्वर पर दर्ज हो जाएगा। इसमें ऑटोमेशन फीचर को भी ऐड किया जा रहा है। जिसके जरिए रियल टाइम मॉनिटरिंग हो सकेगी। शुरुआत में ये सॉफ्टवेयर मंत्रालय, सतपुड़ा, विंध्याचल और राजधानी के विभागाध्यक्ष कार्यालयों से होगी। इसके बाद इसे कमिश्नर कार्यालय, कलेक्ट्रेट और अन्य सरकारी दफ्तरों में लागू किया जाएगा।

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अब लगेगी शॉर्ट लीव और हॉफ डे

नए सॉफ्टवेयर के आने के बाद कर्मचारियों के पंच करते ही सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे के लिए पंच लग जाएगा। इसका समय सीधे क्रेंद्रीय सर्वर पर दर्ज होगा। साथ ही यदि कोई कर्मचारी अपनी सीट से जाता है तो ये सॉफ्टवेयर अपने आप शॉर्ट लीव और हॉफ डे दर्ज कर देगा। ये सिस्टम खुद ही बता देगा कि कौन कर्मचारी डेस्क पर है और कौन फ्रील्ड पर है।

बदलेंगे ये 2 पुराने नियम

मोहन सरकार अपने कर्मचारियों से जुड़े दो बड़े नियमों में भी बदलाव करने जा रही है। वर्षों पहले 'दो ही बच्चे अच्छे' वाली जो बंदिशें लगाई थी, उसे हटाने पर सहमति बन गई है। आदेश कभी भी जारी हो जाएंगे। जिसके बाद उन सैकड़ों कर्मचारियों पर लटकी कार्रवाई की तलवार हट जाएगी, जिन्होंने जाने अनजाने में दो से अधिक बच्चे पैदा किए हैं। सरकार का यह फैसला राहत देने वाला होगा।

दूसरी तरफ कुछ शर्तों के साथ अधिकारी, कर्मचारियों के लिए गिफ्ट लेना पहले से आसान हो जाएगा। ये एक वर्ष के भीतर अपनी एक सैलरी के बराबर गिफ्ट ले सकेंगे। ज्यादा कीमती गिफ्ट लेने पर कार्रवाई के दायरे में आएंगे। अधिकारी, कर्मचारियों को निवेश भी सोच समझकर ही करना होगा।

गिफ्ट को कमाई का जरिया बनाया तो खैर नहीं

निवेश की जाने वाली रकम, कमाई से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। ये सभी प्रावधान नए सिरे से तैयार किए जा रहे सिविल सेवा आचरण नियमों में किया जा रहा है। संशोधित सेवा नियम जारी होने बाकी है। सूत्रों के मुताबिक सरकार उक्त नियमों में संशोधन कर एक तरफ जहां राहत देने जा रही है तो वहीं दूसरी तरफ गिफ्ट को कमाई का जरिया बनाने से रोकने को लेकर भी कई कड़े प्रावधान किए जाने पर विचार चल रहा है।

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Updated on:
18 May 2026 12:41 pm
Published on:
18 May 2026 12:39 pm
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