मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार को कलेक्टर-कमिश्नर, आईजी-पुलिस अधीक्षक वर्चुअल वीडियो कॉन्फ्रेंस की। बैठक में सीएम ने फॉरेन फंडिंग वाले NGO को लेकर सख्त निर्देश दिये हैं।
भोपाल. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार को कलेक्टर-कमिश्नर, आईजी-पुलिस अधीक्षक वर्चुअल वीडियो कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान फॉरेन फंडिंग वाले NGO को लेकर मुख्यमंत्री सख्त रवैय्या देखने को मिला। सीएम ने अफसरों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि, मध्य प्रदेश में ऐसे सभी एनजीओ को चिन्हित किया जाए, जो फॉरेन फंडिंग (विदेशों से मिलने वाली आर्थिक मदद) कर रहे हैं। अधिकारियों को सीएम ने ये भी कहा कि, इस बात का भी बारीकी से पता लगाया जाए कि, इस फंड का इस्तेमाल कहां-कहां किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वैमनस्य फैलाने, समाज को तोड़ने का काम करने वाले और धर्मांतरण करने वाले एनजीओ के लिए मध्यप्रदेश में जगह नहीं है। उन्हें हम यहां रहने नहीं देंगे। समाज को तोड़ने में कई एनजीओ का भी हाथ है। ऐसे संगठनों का रिकॉर्ड तैयार किया जाए। इनसे जुड़े लोगों की सूची बनाएं।
नशे को सौदागर होंगे तबाह
वहीं, सीएम ने नशे के कारोबार और अवैध परिवहन को लेकर मैदानी अधिकारियों को और ज्यादा कठोर कार्रवाई करने के भी निर्देश दिये हैं। सूत्रों की मानें, तो सीएम ने नशे के कारोबार से जुड़े लोगों को तबाह करने तक का फ्री हैंड दे दिया है। धार, मुरैना और विदिशा जिलों के अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर सीएम ने नाराजगी भी जाहिर की। जिलों में सुशासन के लिए कलेक्टर और एसपी को निर्देश दिए गए तथा सरकार की योजनाओं को जनता तक बेहतर से बेहतर पहुंचने को कहा।
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