भोपाल

ग्रामीण बोले- चुनाव कोई भी जीते-हारे, हमारी समस्या देखने कोई नही आता

ग्रामीण बोले- चुनाव कोई भी जीते-हारे, हमारी समस्या देखने कोई नही आता

2 min read
Apr 27, 2019
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भोपाल/औबेदुल्लागंज . ग्राम कुमारिया मे आज भी महिलाए खुले मे शौच करने को मजबूर है, स्कूल मे छात्र-छात्राओ के लिए आज भी शौचालय नही है।

ग्राम कुमारिया को अधिकारियो ने कागजो मे कई साल पहले पूरे जिले को ओडीएफ कर दिया है, लेकिन जमीन हालात यहां कुछ ओर ही है। ग्रामीण क्षेत्र मे आज भी लोग मूलभूत सुविधाओ जैसे बिजली, पीनी आदी समस्याओं से जुझ रहे है,

लेकिन प्रशासन की तरफ से यहां के हालात देखने वाला कोई नही है। ग्रामीणो का कहना है कि चुनाव कोई भी जीते-हारे, उनकी समस्या देखने कोई नही आता।

आठ घंटे बिजली कटौती से ग्रामीणो का बुरा हाल

ग्रामीण हरिप्रसाद गौर बताते है कि दो साल पहले गाव की डीपी जल गई थी, विद्युत कपनी वाले डीपी उतारकर ले गए, लेकिन वापस रखने नही आए। दो साल से गाव कुमारिया की बिजली खेतो के फीटर से जुड़ी हुई है।

जिससे गाव मे 16 घटे बिजली मिलती है। रात मे 12 से सुबह 5 व दोपहर मे तीन घटे बिजली काटी जाती है, जिससे ग्रामीणो का गर्मी मे बुरा हाल है। गाव मे केवल दो हैडपप है, जिसमे से एक खराब पड़ा हुआ है।

शौच के लिए छात्राए जाती है स्कूल से बाहर

औबेदुल्लागज से मात्र सात किमी की दूरी पर ग्राम पचायत हर्रई के अतर्गत गाव कुमारिया मे शासकीय प्राथमिक स्कूल मे करीब पाच साल पहले पचायत द्वारा एक शौचालय स्कूल के पीछे एक किसान के खेत मे बनाया गया था, जो आज तक शुरू ही नही हो सका। घटिया निर्माण के चलते जो आज खडहर मे बदल चुका है।

शिक्षक तरूण जैन बताते है कि छात्र-छात्राओ को शौच के लिए परेशान होना पड़ता है। छात्राए शौच के लिए घर जाती है या खेतो मे जाना पड़ता है। शौचालय न होने से स्कूल मे मात्र 19 छात्र-छात्राए ही शेष रह गए है। छात्रओं का कहना है कि हमे घर से शौच करके आना पड़ता है, स्कूल में शौच आने पर घर जाना पड़ता है या बाहर जाना पड़ता है। शौचालय नही होने से काफी परेशानी होती है।

स्कूल मे बिजली, पानी की कोई व्यवस्था नहीं

स्कूल के छात्रो ने बताया कि स्कूल साढ़े दस से डेढ़ बजे तक लगता है। स्कूल मे आज तक बिजली नही लग पाई है। 12 बजे के बाद स्कूल मे बैठने मे काफी गर्मी लगती है। शिक्षक तरूण जैन ने बताया कि स्कूल मे बच्चो के खेलने के लिए भी जगह नही है।

शिक्षा विभाग ने जो किचिन शेड बनाया है, वह भी कई सालो से अधूरा है। बच्चो का भोजन समूह घर से बनाकर लाते है। पीने के पानी के लिए भी कोई व्यवस्था नही है, बच्चे गाव के हैडपप पर जाकर अपनी प्यास बुझाते है।

पचायत ने स्कूल के पीछे खेत मे यह शौचालय बनाया था, जो अभी तक चालू नही हुआ है , छात्राओ को स्कूल समय मे शौचालय के लिए परेशान होना पड़ता है।
- तरूण जैन, शिक्षक कुमारिया

मै पिछले सत्र मे स्कूल गया था, शिक्षक जैन से स्कूल के पीछे बने शौचालय को रिपेयर करने को कहा था। उसे रिपेयर करा लिया होगा, मै दिखवाता हू।
- शिवनारायण चौहान, बीआरसी

Published on:
27 Apr 2019 07:22 am
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