
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (Ayushman Bharat Digital Mission) के तहत अब देश भर में केवाईडी (KYD) यानी नो योर डॉक्टर की शुरुआत हो चुकी है। KYD के लिए मध्य प्रदेश समेत देश भर के डॉक्टरों को सरकार की ओर से डिजिटल प्रमाण पत्र (Digital Certificate) जारी किए जाएंगे। ये डिजिटल प्रमाण पत्र सभी पंजीकृत या रजिस्टर्ड डॉक्टर्स (Registered Doctors) को जारी किए जाएंगे। इन सर्टिफिकेट को सभी डॉक्टर्स को अपने क्लिनिक (Doctors Clinic) पर लगाना होगा। इस सर्टिफिकेट में क्यूआर कोड (QR Code) भी होगा।
डॉक्टर्स के पास क्लिनिक पर आने वाले मरीज क्लिनिक पर लगे KYD सर्टिफिकेट पर दिखाई दे रहे क्यूआर कोड को अपने मोबाइल फोन से स्कैन कर सकेंगे। क्यूआर कोड स्कैन होते ही मरीजों को डॉक्टर की डिग्री, रजिस्ट्रेशन जैसी सभी जानकारियां मरीजों के मोबाइल पर शो होंगी। जिससे आसानी से पता चल जाएगा कि डॉक्टर फर्जी है या रियल।
आयुष मेडिकल एसोसिएशन के मुताबिक सरकार ने ये कदम इसलिए उठाया है ताकि देशभर के डिजिटल हेल्थ केयर इंफ्रास्ट्रक्टचर को मजबूती मिल सके। इसके माध्यम से मरीज भी फर्जी डॉक्टर से अपना इलाज करवाने से बच सकेंगे। वहीं फर्जी डॉक्टर की शिकायत भी कर सकेंगे। बता दें कि मध्य प्रदेश में मेडिकल, डेंटल और आयुष मिलाकर शासकीय स्तर पर 9500 से ज्यादा और प्राइवेट डॉक्यर्स समेत एक लाख से ज्यादा डॉक्टर्स हैं।