कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में रिलीज होगी फिल्म पद्मावत, तैयारियों में जुटा पुलिस महकमा
भोपाल. एक ओर मध्यप्रदेश सरकार पद्मावत फिल्म को प्रदेश में दिखाने के लिए राजी नहीं है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरकार के सुर भले ही नहीं बदले हैं, लेकिन सरकारी व्यवस्था जरूर इस फिल्म को रिलीज कराने की तैयारियों में जुट गई है। माना जा रहा है कि मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों में कल 25 तारीख को फिल्म रिलीज होगी। सरकार ने सभी बड़े मल्टीप्लेक्स और सिनेमा घरों के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने के लिए कहा है।
दरअसल, पद्मावत फिल्म के रिलीज के खिलाफ करणी सेना और राजपूत समाज के कुछ लोग विरोध कर रहे हैं। बुधवार को प्रदेश भर में कई जगहों पर हंगामा हुआ। कई जगहों पर करणी सेना और समाज के लोगों ने फिल्म के विरोध में नारेबाजी भी की। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण ही रहा। इन सबके बाद फिलहाल मध्यप्रदेश सरकार की मशीनरी फिल्म के शांति पूर्ण प्रदर्शन की तैयारियों में जुट गई है। खुद आईजी भोपाल जयदीप प्रसाद ने चेतावनीपूर्ण बयान जारी करते हुए कहा कि विरोध करने की अपनी आजादी है, लेकिन विरोध कानून के दायरे में रहकर ही किया जाए। अगर कानून को हाथ में लेने की कोशिश की गई तो फिर पुलिस अपना काम करेगी।
पुलिस के तल्ख होने की एक बड़ी वजह है। दरअसल, सरकार ने फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगा दी थी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साफ कहा था कि सरकार किसी भी कीमत पर राजपूत अस्मिता को ठेस नहीं पहुंचने देगी। सरकार राजपूतों के साथ है। सरकार ने इसकी घोषणा मुख्यमंत्री आवास में राजपूत समाज के लोगों के साथ एक कार्यक्रम में की थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट की दो टूक टिप्पणी के बाद सरकार को झुकने के लिए मजबूर होना पड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म को सभी राज्यों में रिलीज के निर्देश दिए थे, उसके बाद मध्यप्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के भीतर रिव्यू पिटीशन लगाई जिसे चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि सिर्फ आशंकाओं के आधार पर कोई बात नहीं की जा सकती है। कानून व्यवस्था का मामला सरकार का है, ऐस में सरकार को इसको लेकर काम करने चाहिए। हालांकि मुख्यमंत्री ने एक बार फिर रिव्यू पिटीशन कोर्ट में लगाने की बात कही है। हालांकि फिल्म की रिलीज के दिन रिव्यू पिटीशन क्या कर पाएगी, इस पर अभी सवाल बना हुआ है।
इस मामले में जब डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला से पत्रिका डॉट कॉम ने बात कही तो उन्होंन कहा कि हमारे पास सुप्रीम कोर्ट के आदेश है। फिल्म रिलीज होगी। रही बात कानून व्यवस्था की तो साफ कर दिया गया है कि विरोध करने वालों को कानून के दायरे में रहना होगा। अगर उन्होंने कुछ भी कानून के दायरे से बाहर जाकर करने की कोशिश की तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन सिनेमाघरों या मल्टीप्लेक्स ने सुरक्षा मांगी है, उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है। इसके अलावा जहां भी हंगामे की आशंका है, वहां भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है।
इस बीच पुलिस मुख्यालय से जुड़े सूत्रों का दावा है कि मध्यप्रदेश में बवाल ज्यादा होने की संभावना नहीं है। पुलिस को जो जिलो से इंटेलीजेंस की रिपोर्ट मिली है, उसमें साफ है कि हंगामा एक या दो दिन हो सकता है। उसके बाद फिल्म चलती रहेगी। ऐसे में पुलिस पूरी तरह से दो दिन कड़े इंतजामों की तैयारी में है। वह नहीं चाहती है कि 26 जनवरी को प्रदेश के भीतर कहीं भी कोई अप्रिय घटना हो। ऐसे में सभी जिलों के एसपी को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वह कानून व्यवस्था का ध्यान रखें। हालांकि संभावना इस बात की भी है कि प्रदेश के भीतर कई सिनेमाघर फिल्म के प्रदर्शन से पीछे भी हट सकते हैं। पीवीआर ने अभी तक फिल्म के प्रदर्शन को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है। वहीं सिगल स्क्रीन सिनेमा घर फिलहाल माहौल देखने के बाद फिल्म की रिलीज करने के बारे में विचार कर रहे हैं। ऐसे में संभव है कि प्रदेश के आधे हिस्से में ही फिल्म दिखाई दे।