- वार्ड 17 और 41 ऐसे हैं जिनमें बड़ी संख्या में लोगों को पहला डोज ही नहीं लगा है
भोपाल. फस्र्ट डोज के मामले में सौ फीसदी वैक्सीनेशन लक्ष्य प्राप्त करने के लिए इस बार महाअभियान के दौरान 25 और 26 अगस्त को दोनों दिन करीब पौने दो लाख टीके लगाने का लक्ष्य रखा है। इसमें फस्र्ट डोज के लिए बचे हुए लोग और सेकंड डोज में वे लोग जो 84 दिन पूरे कर चुके हैं, उनको वैक्सीन लगाई जाएगी। एसडीएम सर्कल और नगर निगम में वार्ड स्तर पर टारगेट तय कर दिए हैं। नगर पालिका बैरसिया और फंदा के लिए अलग से टारगेट तय है। शनिवार को कलेक्टर अविनाश लवानिया ने महावैक्सीनेशन अभियान को लेकर अफसरों के साथ बैठक रखी, जिसमें बताया गया कि 25 अगस्त को शहर में करीब छह सौ से सात सौ सेंटरों पर वैक्सीनेशन किया जाएगा। महिला बाल विकास विभाग की तरफ से कराए गए सर्वे में भोपाल टॉकिज, कैटेग्राइज्ड मार्केट, सिंधी कॉलोनी, ऐशबाग, सिकंदर नगर, मोरारजी नगर, सोनिया गांधी कॉलोनी और जनता क्वार्टर ऐसे क्षेत्र सामने आए हैं जहां करीब 17 हजार लोगों ने पहला टीका नहीं लगवाया है।
प्रत्येक एसडीएम को आठ हजार वैक्सीन का टारगेट दिया जा रहा है। शहरी क्षेत्र में छह एसडीएम 48 हजार, नगर निगम को 50 हजार, बैरसिया नगर पालिका 35 हजार और फंदा को 30 हजार का टॉरगेट दिया गया है। पिछले 7 माह में करीब अस्सी फीसदी आबादी को कोरोना वैक्सीन का पहला डोज और 24 फीसदी को दूसरा डोज लगा है। राजधानी में कोरोना की वैक्सीनेशन के लिए 19 लाख 30 हजार लोगों का टारगेट रखा गया है।
वार्ड-17 की स्थिति भी खराब
अब तक के वैक्सीनेशन अभियान के आंकड़ों के अनुसार वार्ड-17 में 8 हजार 645 लोगों ने पहला डोज नहीं लगाया है। इस वार्ड में भोपाल टॉकिज, कैटेग्राइज्ड मार्केट, सिंधी कॉलोनी से लेकर छोला नाके तक फैला है। इन लोगों को वैक्सीने लगाने की रणनीति भी बैठक में तैयार की गई है। यहां वार्ड और एसडीएम सर्किल दोनों स्तर पर टीकाकरण होगा।
2 लाख 45 हजार अभी भी पहले डोज से वंचित
राजधानी में 2 लाख 45 हजार लोगों ने अब तक पहला डोज नहीं लगवाया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनबार्डी कार्यकर्ताओं द्वारा ये जानकारी एकत्र की गई है। वार्ड-41 में भी 8 हजार 916 लोग ऐसे मिले हैं, जिन्होंने अब तक पहला डोज नहीं लगवाया हैं। इसमें ऐशबाग, सिकंदर नगर, मोरारजी नगर, सोनिया गांधी कॉलोनी और जनता क्वार्टर का क्षेत्र आता है।
वर्जन
हमारी कोशिश है कि फस्र्ट डोज को पूरा करने के साथ 84 दिन पूरे कर चुके लोगों को सेकंड डोज लगाई जाए। जिससे वे सुरक्षित हो सकें।
अविनाश लवानिया, कलेक्टर