
Hardeep Singh Puri : केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मध्यप्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित तमाम वरिष्ठ नेताओं की उपस्थित में उन्होंने विधानसभा जाकर नामांकन पत्र प्रस्तुत किया। केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की राज्यसभा की उम्मीदवारी का कांग्रेस जोरदार विरोध कर रही है। प्रदेशभर में जिलास्तर पर भी प्रदर्शन किए जा रहे हैं। हरदीप पुरी शुक्रवार देर रात को भोपाल आए थे। शनिवार सुबह उन्होंने करुणाधाम आश्रम जाकर पूजा अर्चना की इसके बाद विधानसभा पहुंचे। केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी 2019 में अमृतसर सीट से चुनाव हार गए थे इसके बाद भी उन्हें मोदी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। दरअसल मंत्री के रूप में कार्यकाल की उपलब्धियों के कारण हरदीप पुरी को दोबारा मंत्रिमंडल में जगह दी गई थी। बाद में उन्हें यूपी से राज्यसभा भेजा गया।
मध्यप्रदेश से हरदीप पुरी को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाने का विरोध करते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने पूछा है कि जब पहले उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं, तो आखिर ऐसी क्या राजनीतिक मजबूरी थी कि उन्हें मध्य प्रदेश से प्रत्याशी बनाया गया? कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश के एक दलित राज्यसभा सदस्य से इस्तीफा दिलवाकर यह सीट खाली कराई गई। क्या भाजपा के पास मध्य प्रदेश में योग्य नेताओं की कमी हो गई है, या फिर प्रदेश की राज्यसभा सीटों को दिल्ली के राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
जीतू पटवारी का कहना है कि सार्वजनिक रूप से सामने आए दस्तावेजों और जानकारियों में वर्ष 2014 से 2017 के बीच हरदीप सिंह पुरी और जेफरी एप्स्टीन के बीच हुई मुलाकातों तथा ईमेल संवाद का उल्लेख किया जा रहा है। पुरी ने कहा था कि प्रतिनिधिमंडल के साथ यह मुलाकातें हुईं, जबकि फोटो में वे अकेले दिख रहे हैं। भाजपा और पुरी को इन सवालों का तथ्यात्मक जवाब देना चाहिए।
भारतीय विदेश सेवा के पूर्व अधिकारी हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने 2014 में भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन की थी। बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें सन 2017 में मंत्री बनाया। पिछली सरकारों में हरदीप पुरी आवास और शहरी मामलों, नागरिक उड्डयन और वाणिज्य तथा उद्योग राज्य मंत्री के रूप में काम कर चुके हैं।
आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में हरदीप पुरी ने हर बेघर को आवास मुहैया कराने की योजना पर जबर्दस्त काम किया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्मार्ट सिटी और स्वच्छ भारत अभियान जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं को खूब आगे बढ़ाया। इसके पुरस्कार स्वरूप उन्हें लोकसभा चुनाव में हारने के बाद भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था।