
भोपाल. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पिछले 9 सप्ताह से AIIMS के दिल्ली अस्पताल में भर्ती हैं। पिछले 24 घंटों में उनकी स्थिति और बिगड़ी है। उनकी हालत नाजुक होती जा रही है। अब वह लाइफ सपॉर्ट सिस्टम पर हैं। मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने ट्वीट पर अटल बिहारी वाजपेयी के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने लिखा कि अटल जी स्वास्थ्य में गिरावट की खबर से मन विचलित है। हम सभी उनके दीर्घायु होने की कामना करते है।
पूर्व प्रधानमंत्री की हालत नाजुक
दरअसल, अटल बिहारी वाजपेयी को किडनी नली में संक्रमण, छाती में जकड़न, मूत्रनली में संक्रमण जैसी स्वास्थ्य समस्याओं के बाद 11 जून को AIIMS में भर्ती कराया गया था। सूत्रों ने बताया कि उनकी हालत गंभीर है। वह वेंटिलेटर सपॉर्ट पर रखे गए हैं और सीएन टावर स्थित आईसीयू में डॉक्टरों की एक टीम लगातार उनकी हालत पर नजर रखी हुई है।
2009 में उन्हें स्ट्रोक आया था जिसके बाद उनकी सोचने-समझने की क्षमता कमजोर हो गई। बाद में वह डिमेंशिया से भी पीड़ित हो गए। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के स्वास्थ्य में सुधार की कामना की।
3 बार देश के प्रधानमंत्री रहे अटल
भाजपा के संस्थापकों में शामिल अटल बिहारी वाजपेयी 3 बार देश के प्रधानमंत्री रहे। वह पहले ऐसे गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री रहे हैं जिन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया। उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया जा चुका है। पहली बार 1996 में अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बने और उनकी सरकार सिर्फ 13 दिनों तक ही रह पाई। 1998 में वह दूसरी बार प्रधानमंत्री बने, तब उनकी सरकार 13 महीनों तक चली थी। 1999 में वाजपेयी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने और 5 सालों का कार्यकाल पूरा किया। 5 साल का पूर्ण कार्यकाल पूरा करने वाले वह पहले गैरकांग्रेसी प्रधानमंत्री हैं।
वाजपेयी ने की भाजपा की स्थापना
बता दें कि अटल बिहारी वाजपेयी काफी दिनों से बीमार हैं और वह करीब 15 साल पहले राजनीति से संन्यास ले चुके थे। अटल बिहारी वाजपेयी ने लाल कृष्ण आडवाणी के साथ मिलकर भाजपा की स्थापना की थी और उसे सत्ता के शिखर पहुंचाया। भारतीय राजनीति में अटल-आडवाणी की जोड़ी अच्छी साबित हुई। अटल बिहारी देश के उन चुनिन्दा राजनेताओं में से हैं जिन्हें दूरदर्शी माना जाता है। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर में ऐसे कई फैसले लिए जिसने देश और उनके खुदके राजनीतिक छवि को काफी मजबूती दी।