भोपाल

सरकार सख्त, भोपाल में 1300 एकड़ शत्रु संपत्ति की होगी जांच, 14 दिनों में सूची तैयार करने के निर्देश

properties Surveys: भोपाल जिले में 1300 एकड़ शत्रु संपत्ति को अगले दो सप्ताह में चिन्हित कर सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए गए हैं। 31 अक्टूबर तक डिजिटल रिकॉर्ड अपडेट कर शासन को रिपोर्ट भेजनी होगी, ताकि अवैध कब्जे रोके जा सकें।
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Oct 13, 2026
शत्रु संपत्ति, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- magnific)
शत्रु संपत्ति, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- magnific)

Bhopal news: मध्यप्रदेश के भोपाल शहर में जिला प्रशासन को अब अगले दो सप्ताह में सभी शत्रु संपत्ति को चिन्हित कर सूचीबद्ध करना होगा। सोमवार को सीएस के सामने कलेक्टर ने भोपाल की स्थिति को प्रस्तुत किया। जिले में 1300 एकड़ की शत्रू संपत्ति बताई जा रही है। इसमें से नानी की हवेली और रियाज मंजिल को सूची में दर्ज किया हुआ है। 31 अक्टूबर तक सभी संपत्तियों की लिस्टिंग कर शासन को रिपोर्ट भेजना है। बताया जा रहा है कि इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से सीएम को काम करने विशेष आदेश दिए गए है। भोपाल समेत 11 जिलों में शत्रु संपत्ति के डिजिटलीकरण और राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कलेक्टर बैठक में शामिल हुए। भोपाल के साथ बैतूल, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, मंडला, रतलाम, सतना, सीहोर और शिवनी के जिला प्रशासन को शत्रु संपत्तियों के प्रबंधन और रिकॉर्ड संधारण के संबंध में सख्त निर्देश जारी किए गए है।

प्रशासन को संपत्तियों की पहचान के साथ उनके स्वामित्व, खसरा नंबर और अन्य राजस्व रिकॉर्ड का मिलान भी करना होगा, ताकि किसी तरह की विसंगति न रहे। तय समयसीमा में सूची तैयार कर डिजिटल रिकॉर्ड अपडेट करने के बाद शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी, जिससे शत्रु संपत्तियों के प्रबंधन और निगरानी की प्रक्रिया को व्यवस्थित किया जा सके।

बाजार मूल्य से कीमत निकालने के निर्देश

-शासन का स्पष्ट निर्देश है कि शत्रु संपत्तियों की कानूनी स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट किया जाए, ताकि इनमें किसी भी तरह के अवैध कब्जे या अतिक्रमण की गुंजाइश न बचे।

-राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में इन संपत्तियों को स्पष्ट रूप से शत्रु संपत्ति कस्टोडियन ऑफ एनीमी प्रॉपर्टी फॉर इंडिया के रूप में दर्ज किया जाना अनिवार्य किया है।

-शत्रु संपत्तियों का पारदर्शिता के साथ डिजिटलीकरण, ई-मैपिंग और रिमोट सेंसिंग कराया जाएगा। इसके तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कौन सी भूमि विवाद-रहित है, कहां अतिक्रमण है और नीलामी योग्य संपत्तियों का पूरा ब्योरा डिजिटल पोर्टल पर उपलब्ध हो।

-इन संपत्तियों के वास्तविक मूल्यांकन के लिए प्रचलित बाजार दरों और जिला पंजीयन कार्यालय की गाइडलाइन दरों से मिलान कर सटीक जानकारी तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

-विशेष तौर पर जिला भोपाल के संदर्भ में शत्रु संपत्तियों की सूक्ष्म पहचान और उनके भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया को प्राथमिकता से पूरा करने को कहा गया है।

Updated on:
13 Oct 2026 08:49 am
Published on:
13 Oct 2026 08:49 am