भोपाल से जबलपुर, ग्वालियर, खजुराहो, सिंगरौली, दमोह, बिलासपुर के बीच के दर्जनों स्टेशन होंगे प्रभावित।
भोपाल. अनलॉक के बाद स्पेशल ट्रेनें चलाने एवं 20 से 25 फीसदी तक अधिक किराया वसूलने के बाद अब छोटे स्टेशनों पर ट्रेनों का हॉल्ट बंद करने की तैयारी है। लंबी दूरी की ट्रेनों को छोटे स्टेशनों पर बगैर रुके निकालने की योजना बन रही है।
इन ट्रेनों को बंद करने का प्रस्ताव
- हबीबगंज जबलपुर इंटरसिटी
- भोपाल ग्वालियर इंटरसिटी
- भोपाल खजुराहो एक्सप्रेस
- भोपाल सिंगरौली एक्सप्रेस
- भोपाल जोधपुर एक्सप्रेस
- भोपाल दमोह राजरानी ट्रेन
- भोपाल बिलासपुर एक्सप्रेस
रेलवे का दावा है कि इससे यात्रा का समय कम हो जाएगा और यात्रियों को कम समय में अधिक दूरी का सफर आसानी एवं सुविधाजनक से करने मिलेगा। भोपाल रेल मंडल में भी रेलवे के इस फार्मूले से भोपाल से जबलपुर, ग्वालियर, खजुराहो, सिंगरीली, दमोह, बिलासपुर के बीच पड़ने वाले दर्जनों छोटे रेलवे स्टेशन प्रभावित होंगे। भोपाल से चलकर इन स्टेशनों तक जाने वाली ट्रेनों को बगैर रुके बड़े स्टेशनों तक चलाने की योजना बनाई जा रही है। इसके अलावा कम मुनाफा देने वाली ट्रेनों को हमेशा के लिए बंद करने का प्रस्ताव भी है।
भोपाल मंडल में यदि इस फैसले को लागू किया जाता है तो रोज गोटेगांव, नरसिंहपुर, गाडरवारा, सोहागपुर, पिपरिया, बुधनी, सीहोर, विदिशा जैसे छोटे स्टेशनों से भोपाल आने वाले हजारों अप-डाउनर को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। रेलवे पहले ही मंडल की अनेक 'गाड़ियों में मासिक पास सुविधा को प्रतिबंधित कर चुका है जिसके चलते पिछले 18 महीने से हजारों अप डाउनर स्पेशल ट्रेनों में 20 से 25 फीसदी तक अधिक किराया भरकर कंफर्म टिकट प्राप्त करने की जुगत लगा रहे हैं। रेलवे के इस फैसले के विरोध में रेल उपयोगकर्ता सलाहकार समिति ने अफसरों को मुनाफा कमाने के लिए अन्य संसाधनों पर फोकस करने की सलाह दी है।
भोपाल मंडल रेलवे उपयोगकर्ता सलाहकार समिति सदस्य संजय सिंह रघुवंशी ने डीआरएम सौरभ बंदोपाध्याय से मुलाकात की एवं उन्हें यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के संबंध में ज्ञापन सौंपा। रेल सलाहकार समिति सदस्य, सुरेंद्र सिंह रघुवंशी ने बताया कि छोटे स्टेशनों पर हॉल्ट बंद करने का फैसला विपरीत परिणाम देगा। इसका असर ग्रामीण आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ेगा।