मोहन सरकार की गाइडलाइन के खिलाफ सड़क पर उतरे डीजे संचालक। कर रहे 6 साउंड बॉक्स बजाने की मांग। सरकार ने दी सिर्फ 2 की परमिशन।
मध्य प्रदेश सरकार के लाउडस्पीकर पर लगाम लगाने पर लिए गए फैसले का सूबे के डीजे संचालकों ने विरोध तेज कर दिया है। बुधवार को प्रदेशभर के डीजे संचालक सरकरा के फैसले के विरोध में सड़कों पर आ गए हैं। ये लोग लाउडस्पीकर की आवाज पर लगाम लगाने का विरोध करते हुए डीजे का वॉल्यूम बढ़ाने का संघर्ष कर रहे हैं। बता दें कि सत्ता में आते ही मोहन सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट में लाउडस्पीकर पर लगाम लगाने का आदेश जारी किया है। तय मापदंड से अधिक डेसिबल में लाउडस्पीकर बजाने पर कार्रवाई के आदेश दिए गए थे, जिसके बाद से डीजे संचालकों में नाराजगी देखी जा रही है।
इसी विरोध प्रदर्शन को लेकर बुधवार को प्रदेशभर के डीजे संचालक राजधानी भोपाल के शाह जहानी पार्क में एक दिवसीय विरोध प्रदर्शन करने पहुच गए। इस विरोध प्रदर्शन में प्रदेशभर के हजारों डीजे संचालक शामिल हुए। बता दें कि प्रदेश की मोहन सरकार ने डीजे संचालकों को सिर्फ 2 साउंड बॉक्स बजाने पर रजामंदी दी है, लेकिन डीजे संचालक 6 साउंड बॉक्स बजाने की मांग पर अड़े हुए हैं।
सीएम मोहन के नाम सौंपा ज्ञापन
इधर, सूबे के नरसिंहपुर जिले के लाउडस्पीकर और लाइट साउंड संगठन ने भी शहर में अलग प्रदर्शन किया है। उन्होंने कलेक्टरेट पहुंचकर सीएम मोहन के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते पिछले 3 सालों से उनका कारोबार वैसे ही बंद पड़ा था, अब जैसे तैसे हालात सामान्य होने पर उनके कारोबार ने रफ्तार पकड़ी ही थी कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने ऐसे आदेश जारी कर दिए, जिससे शादियों के सीजन और हालात सामान्य होने के बाद भी उनका व्यापार ठप्प होने लगा है। उन्होंने कहा है कि हम में से अकसर लोगों खासकर युवाओं ने बैंकों से कर्ज लेकर साउंड और डीजे के कारोबार शुरु किया है, लेकिन अब उनके सामने रोजी-रोटी की समस्या बन गया है, बैंकों की किस्त पटाना तो संभव ही नहीं हो पा रहा है। ऐसे में उन्होंने सीएम से डीजे और लाउडस्पीकर साउंड सिस्टम के नियमों में बदलाव करने की मांग की है, ताकि उनके रोजगार भी चल सकें।