PWD- मध्यप्रदेश में सड़कों की गुणवत्ता पर खास जोर दिया जा रहा है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग पीडब्लूडी ने बड़ी पहल की है।
PWD- मध्यप्रदेश में सड़कों की गुणवत्ता पर खास जोर दिया जा रहा है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग पीडब्लूडी ने बड़ी पहल की है। विभाग अब प्रदेशभर में सड़कों का मास्टर प्लान बनाने की तैयारी कर रहा है। इसके अंतर्गत पीडब्लूडी के इंजीनियर राज्य भर में घूम रहे हैं। सभी इंजीनियर्स अपने अपने इलाकों की पीडब्लूडी की सड़कों का जायजा ले रहे हैं, उनकी लंबाई चौड़ाई नाप रहे हैं। विभाग की सभी रोडों की मैपिंग और मार्किंग कर एप में दर्ज किया जाएगा। बाद में इस डाटा की मदद से सड़कों का मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग के सभी इंजीनियर्स पूरे प्रदेश में बाइक से घूम रहे हैं। करीब 1500 इंजीनियर्स पीडब्लूडी की सड़कें नाप रहे हैं और इसे एप में दर्ज कर रहे हैं। भास्कराचार्य संस्थान द्वारा बनाए गए एप की मदद से ये काम किया जा रहा है।
सड़कों की लंबाई चौड़ाई नापने के साथ ही इंजीनियर पुल, पुलिया, ओवरब्रिज आदि की संख्या भी गिन रहे हैं।
गुरुवार से शुरु हुआ यह काम शनिवार तक चलेगा। इस दौरान इंजीनियर, रोड किनारे तालाबों और पौधरोपण के लिए उपलब्ध जमीन भी देखेंगे। पीडब्लूडी की सभी रोड की मैपिंग और मार्किंग कर एप में दर्ज करेंगे। इस डाटा को सीधे जीआईएस पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। बाद में इसकी मदद से पीडब्लूडी प्रदेशभर में सड़कों के लिए मास्टर प्लान तैयार करेगा।
इधर नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय द्वारा भी सड़कों के लिए नई पहल की गई है। विभाग ने सस्टेनेबल रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर विषय पर शुक्रवार 19 सितम्बर, 2025 को कार्यशाला आयोजित की है। यह कार्यशाला सुबह 9:15 बजे आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी भोपाल में शुरु होगी।
कार्यशाला में आईआईटी इंदौर, रूडकी, MORTH, CRRI & RODIC के विषय-विशेषज्ञों द्वारा सड़क निर्माण की नवीन प्रणाली तथा सड़कों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर प्रस्तुतिकरण दिया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ नगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत भोंडवे करेंगे।
मध्यप्रदेश के नगरीय क्षेत्र में केंद्र सरकार की योजनाएं अमृत, स्वच्छ भारत मिशन एवं प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत जल-प्रदाय, सीवरेज, जल निकायों का जीर्णोद्धार, हरित क्षेत्र विकास और यूज्ड वॉटर मैनेजमेंट आदि कार्यों का क्रियान्वयन किया जा रहा है। सड़क निर्माण से जुड़े प्रदेश के समस्त यंत्रियों के लिये एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला में प्रदेश के 600 यंत्रियों का क्षमतावर्धन किया जाएगा।