
भोपाल. हाल में बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया था। जिसका असर घरों में होने वाली जलापूर्ति पर भी पड़ा है। निगम के पदाधिकारियों को इस समय गंदा पानी नलों से आने की कई शिकायतें पहुंच रही हैं। अतिक्रमण भी इसका एक बड़ा कारण बन रहा है।
इस तरह के मामले नई कॉलोनियों में ज्यादा आ रहे हैं। इसके पीछे पानी की लाइनों में लीकेज को भी कारण बताया जा रहा है। इसके अलावा जलापूर्ति सामान्य न होने से भी लोग परेशान हैं। शहर के बीच ऐशबाग, अशोका गार्डन के आधे हिस्से में नर्मदा जलापूर्ति हर रोज हो रही है। यहां कुछ ही दूर सुंदर नगर, सुभाष कॉलोनी के एक हिस्से में एक दिन छोड़कर पानी आ रहा है। सुंदर नगर में कई घरों मेें हाल में नलों से गंदा पानी सप्लाई हुआ है। ऐशबाग में लो प्रेशर से सप्लाई का मामला आया।
सप्लाई में भी अंतर
शहर में कोलार, नर्मदा लाइन, बड़े तालाब और केरवा से पानी की सप्लाई होती है। सभी की प्रक्रिया अलग है। इस कारण सप्लाई में फर्क आता है। करीब ढाई लाख उपभोक्ता हैं।
लीकेज में बर्बादी
राजधानी में कुल 285 एमजीडी पानी की सप्लाई प्रतिदिन होती है। इसमें से करीब 30 फीसदी यानी 85 एमजीडी पानी पाइप लाइन में लीकेज में बर्बाद।
कब्जे हटाने की कार्रवाई
शहर में जहां भी लाइन पर अतिक्रमण के मामले हैं उन्हें सुलझाया जा रहा है। कुछ जगह टंकी के पास खाली जगहों पर कब्जे हो गए हैं। उसे हटाने की कार्रवाई की जा रही है। निगम इससे पहले कई बार कार्रवाई कर चुका है।
कमर साकिब अतिक्रमण अधिकारी, नगर निगम