
Rahul Gandhi Attack on BJP : मध्य प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहरों में शामिल इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी काल बनकर घरों तक पहुंच गया। जहरीला पानी पीकर हजारों लोगों की तबीयत बिगड़ी और 28 दिन में 24 मौतों ने प्रदेश और देशवासियों को झकझोर कर रख दिया। आज राहुल गांधी इंदौर पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने भाजपा के स्मार्ट सिटी और अर्बन मॉडल पर जमकर हमला किया। उन्होंने भाजप सरकार को कटघरे में ला खड़ा किया। इस संदर्भ की एक पोस्ट उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर की है। जबकि नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताया है।
पीड़ितों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से नलों से गंदा, बदबूदार पानी आ रहा था। इसकी शिकायत कई बार की गई। उन्होंने बताया कि किसी ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया। समय रहते किसी ने भी कदम नहीं उठाया। इसका खामियाजा इन परिवारों ने भुगता। लगातार दूषित पानी पीने से लोग बीमार पड़े और कुछ परिवारों ने अपनों को खो दिया। यही नहीं कई घर ऐसे भी हैं, जहां एक नहीं बल्कि एक से ज्यादा 2-3-4 लोग भी प्रभावित हुए। मौतों का सिलसिला 24वीं जान जानें पर थमा। लेकिन अब भी लोग दहशत में हैं। क्योंकि अब भी लोग अस्पतालों में भर्ती हैं, अब भी नए केस सामने आ रहे हैं।
राहुल गांधी ने पोस्ट में लिखा है कि वादा किया था कि देश को स्मार्ट सिटी दी जाएंगी, लेकिन ये स्मार्ट सीटी का नया मॉडल है, जहां पीने को पानी तक नहीं है। उस पर लोगों को डराया भी जा रहा है। उन्होंने लिखा कि इंदौर में साफ पानी नहीं है। दूषित पानी पीने से लोगों की मौत हो गईं और यह सरकार का अर्बन मॉडल है।
'नेता विपक्ष होने के नाते मैं इनकी आवाज उठाने आया हूं, ये मेरी जिम्मेदारी है, मैं पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा हूं।'उन्होंने सरकार को लगातार घेरते हुए कहा है कि दूषित पानी की ये कहानी इंदौरतक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य शहरों की भी यही स्थिति है। लोगों को साफ पानी, शुद्ध हवा देने की जिम्मेदारी सरकार की होती है, मगर वह इस काम में असफल रही।
यही नहीं उन्होंने स्पष्ट रूप से सरकार को हिदायत दी है, कि सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेने चाहिए। साथ ही पीड़ितों को सही मुआवजा भी मिलना चाहिए। क्योंकि ऐसे हालात सरकार की लापरवाही से बने हैं। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि जनता को साफ पानी देना सरकार कि जिम्मेदारी है, जिसे पूरा किया जाना चाहिए।