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एमपी की लेडी तहसीलदार को सुप्रीम कोर्ट से झटका, अग्रिम जमानत याचिका खारिज

mp news: बाढ़ राहत राशि घोटाले के मामले में लेडी तहसीलदार ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई थी अग्रिम जमानत याचिका।
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भोपाल

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Shailendra Sharma

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Updated: 18 Mar 2026, 4:41 PM IST

Tehsildar Amita Singh Tomar

amita singh tomar anticipatory bail rejected supreme court

mp news: मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले की विजयपुर तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने महिला तहसीलदार अमिता सिंह तोमर की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि याचिकाकर्ता को अग्रिम जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता है। सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद महिला तहसीलदार अमिता सिंह तोमर पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। अब पूछताछ के बाद पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। बता दें कि विशेष न्यायालय श्योपुर और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ग्वालियर बेंच से पहले ही अमिता सिंह की जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं।

बाढ़ राहत राशि घोटाले का है आरोप

विजयपुर तहसीलदार अमिता सिंह तोमर पर आरोप है कि साल 2021 में श्योपुर जिले में आई बाढ़ के बाद बाढ़ पीड़ितों के लिए जो राहत राशि आई और वितरित की गई उसमें तहसीलदार अमिता सिंह ने बड़ा घोटाला किया है। आरोप है कि तहसीलदार अमिता सिंह तोमर जो कि उस समय बड़ौदा तहसील में तत्कालीन तहसीलदार थीं उन्होंने करीब दो दर्जन पटवारियों और दलालों से मिलकर 127 फर्जी खातों में लगभग 2.57 करोड़ रुपये की राशि बांट दी। बाद में ये गड़बड़ी डिप्टी कलेक्टर के ऑडिट में पकड़ में आई थी और बड़ौदा थाने में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस जांच में 100 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें अमिता सिंह तोमर और 25 पटवारी भी शामिल हैं।

KBC में जीते थे 50 लाख रुपये

तहसीलदार अमिता सिंह तोमर 2011 में ‘कौन बनेगा करोड़पति’ सीजन-5 में 50 लाख रुपये जीतकर सुर्खियों में आई थीं। तब से उन्हें ‘KBC वाली मैडम’ के नाम से बुलाया जाने लगा था। सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट और कमेंट डालकर प्रशासन की कार्रवाई को गलत बताने और संविधान से जुड़ी एक पोस्ट पर आपत्तिजनक कमेंट करने पर अमिता तोमर निलंबित भी हो चुकी हैं। इतना ही नहीं 14 साल की नौकरी में 25 तबादले होने पर उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र भी लिखा था और इसके कारण भी तहसीलदार अमिता सिंह तोमर मीडिया की सुर्खियां बनी थीं।