भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की तीन सदस्यीय टीम ने कैंटीन में मिलने वाले खांने, नाश्ते से लेकर पानी तक की जांच की।
भोपाल. राजाभोज एयरपोर्ट का चयन देश में पहले ईटराइट कैम्पस के तौर पर हुआ है। इसके लिए 20 दिन पूर्व एफएसएसएआइ की तरफ से दिल्ली से ऑडिट टीम निरीक्षण करने आई थी। तीन सदस्यीय टीम ने कैंटीन में मिलने वाले खांने, नाश्ते से लेकर पानी तक की जांच की।
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यहां खाना और पानी दोनों ही एफएसएसएआइ यानि भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के स्टेंडर्ड पर खरे उतरे हैं। इसके अलावा कैम्पस में साफ सफाई को लेकर भी टीम ने नब्बे नंबर दिए है। जले हुए खाद्य तेल को बायोडीजल बनाने के लिए दिया जाता है। बार-बार खाद्य तेल का उपयोग नहीं किया जाता है। इस सर्टिफिकेट को जारी करने से पहले देश के कई एयरपोर्ट का निरीक्षण टीम ने किया।
कई पैरामीटर पर खरा उतरने के बाद 30 जुलाई को ये सर्टिफिकेट एफएसएसएआई के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर अरुण सिंघल ने जारी किया है। भोपाल के मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरुणेश पटेल ने इसकी पुष्टि की है कि राजाभोज एयरपोर्ट देश का पहला ईटराइट चैलेंज कैम्पस बना है। इससे पहले मप्र में जेपी अस्पताल को ईट राइट कैम्पस का दर्जा मिल चुका है। यहां मरीजों को दिए जाने वाले खाने से लेकर साफ सफाई में यह केंपस नम्बर वन रहा है।
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एयरपोर्ट पर हो रही टेस्टिंग
केरल एवं अन्य राज्यों से आने वाले यात्रियों से एयरपोर्ट पर 72 घंटे पुरानी नेगेटिव रिपोर्ट मांगी जा रही है। जिन यात्रियों की रिपोर्ट नहीं मिल रही उनका परीक्षण कराया जा रहा है। पॉजिटिव यात्रियों की जानकारी प्रशासन को दे रहे हैं।