Ram Navami 2025 : राम का किरदार करने वाले राहुल तिवारी कहते हैं कि राम के आदर्श कब मेरे जीवन का हिस्सा बन गए, पता ही नहीं चला। राम के किरदार ने ही बताया कि समर्पण, त्याग और संयम की क्या होता है।
Ram Navami 2025 : हमारे समाज में राम नाम बहुत व्यापक और जनमानस में रचा-बसा है। राम-राम कहिए तो यह सम्मान है। हरे राम-हरे राम कहिए तो कीर्तन। अरे राम! कह दें तो आश्चर्य, हाय राम! कहें तो पीड़ा, सियाराम कहिए तो उत्साह, जय श्रीराम कहिए तो बल… और जीवन का सबसे बड़ा और अटल सत्य है 'राम नाम सत्य' होना। फिर रामलीला, रंगमंच और सीरियल में राम का किरदार निभाने वाले लोगों की बात ही क्या। भोपाल में रंगमंच से जुड़े कुछ ऐसे कलाकार हैं, जिन्होंने भगवान श्रीराम का किरदार बखूबी निभाया और अब राम के आदर्श उनके जीवन में उतर आए।
इन कलाकारों का कहना है कि श्रीराम के आदर्श, धैर्य, संयम और मर्यादा को मंचित करते हुए ये गुण उनके अपने व्यक्तित्व का हिस्सा बन गए। वे सात्विक जिंदगी जी रहे हैं।
40 वर्षीय रंगकर्मी गोदान कुमार राम के कई चरित्र निभा चुके हैं। उनका कहना है कि भारत भवन में उन्हें देख एक बुजुर्ग ने भी पैर छू लिए। यह जीवन का अविस्मरणीय क्षण था। तब से श्रीराम(Ram Navami 2025) के चरित्र संयम, धैर्य और हर परिस्थिति में सुखी रहने के गुण को आत्मसात कर लिया।
नाटक सीता वनवास में राम का किरदार निभाने वाले संजय मेहता कहते हैं कि जब आप सिर्फ अभिनय करने के लिए करते हैं तो उस चरित्र से कुछ नहीं सीख पाते, लेकिन चिंतन और आध्यात्मिकता के साथ जब उसे करते हैं तो ये आपके जीवन को बदल देता है। मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ।
राम(Ram Navami 2025) का किरदार करने वाले राहुल तिवारी कहते हैं कि राम के आदर्श कब मेरे जीवन का हिस्सा बन गए, पता ही नहीं चला। राम के किरदार ने ही बताया कि समर्पण, त्याग और संयम की क्या होता है। मैने जाना एक राजा के ताज में बहुत कांटे होते हैं जो समर्पण और मर्यादा से प्रेरित होते हैं।