- कलेक्टर ने एसडीएम को एक साथ भेजा जिले भर की दुकानों की जांच के लिए, मिली भारी लापरवाही
भोपाल। राशन दुकानों पर रखे खाद्यान को कहीं चूहे खा रहे हैं, तो कहीं जमीन पर फैला पड़ा है, उसमें मिट्टी मिल रही है, उसी खाद्यान को राशन दुकानों पर उपभोक्ता को छान कर बांट दिया जाता है। तो कहीं उपभोक्ता घंटों लाइन में लगे हैं, लेकिन सर्वर के कारण राशन नहीं मिल रहा।
एसडीएम के सामने ये स्थिति हो रही है। पीछे क्या होता होगा, आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं। शनिवार को एसडीएम ने अलग-अलग क्षेत्रों की 40 दुकानों की जांच की, जिसमें ये लापरवाही सामने आई है। रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी जाएगी, इसके बाद जहां ज्यादा लापरवाही सामने आई है उन दुकानों पर गाज भी गिर सकती है।
एसडीएम हुजूर राजकुमार खत्री नीलबड़, रातीबड़ स्थित आधा दर्जन राशन दुकानों की जांच की। दुकानों पर रखे खाद्यान पर चूहे धमाचौकड़ी कर रहे थे। कुछ बोरों में छेद कर राशन भी नीचे फैला दिया था। इसी राशन को छानकर उपभोक्ताओं को दिया जाता है। दो दुकानों पर राशन रखने की स्थिति काफी खराब मिली, उन्होंने खुले में राशन पटक रखा था।
एक दुकान के स्टॉक में कमी भी देखने को मिली है। इधर कोलार में तहसीलदार मनोज श्रीवास्तव ने भी जांच की, लेकिन उन्हें कोई गड़बड़ी नहीं मिली है। एसडीएम टीटी नगर संजय श्रीवास्तव गुफा मंदिर, और टीटी नगर की दुकानों की जांच करने पहुंचे।
उनके सामने ही पीओएस मशीनों का सर्वर सही तरीके से काम नहीं कर रहा था। अटक-अटक कर चल रहा था। एसडीएम ने अपने सामने समग्र आईडी से राशन का वितरण कराया। धरने ड्यूटी के चलते एसडीएम गोविंदपुरा जांच के लिए नहीं जा सके। शहर वृत्त तहसीलदार देवेंद्र चौधरी मोती मस्जिद, पुराने शहर, रानी कमलापति घाट स्थित दुकानों पर जांच करन गए तो वहां पीओएस मशीनें खराब मिली। सर्वर की परेशानी यहां भी देखने को मिली है।
खाद्य विभाग की लापरवाही हुई उजागर
खाद्य मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर कुछ दिन पहले भीम नगर में जांच करने गए थे। यहां दुकान पर भारी लापारहवी देखने को मिली थी। इसके बाद मंत्री के निर्देश के बाद ही एसडीएम और तहसीलदारों को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कलेक्टर ने दो दिन पहले सभी एसडीएम को जांच के निर्देश दिए हैं। पहली जांच में ही खाद्य विभाग की लापरवाही उजागर हुई है।
जांच के संबंध में मैं उच्च अधिकारियों से बात करूंगा, किसी भी कीमत पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - प्रद्युम्न सिंह तोमर, मंत्री