MP News: 1 सितंबर से लागू होगी नई व्यवस्था, जरूरी कागजात, सामान भेजने के लिए करनी होगी स्पीड पोस्ट, डाक सेवा लेने वालों की जेब होगी ढीली...
MP News: ब्रिटिश शासनकाल में 1854 में शुरू हुई रजिस्टर्ड डाक (Registered Postal Service) स्पीड पोस्ट (Speed Post) में मर्ज की जा रही है। यह एक सितंबर से लागू होगी। इसके बाद जरूरी कागजात या सामान भेजने के लिए स्पीड पोस्ट विकल्प बचेगा। हालांकि विभाग ने कहा है कि नाम में बदलाव होगा, लेकिन पुरानी सेवा भी ली जा सकती है। शुल्क कम-ज्यादा हो सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि रजिस्टर्ड डाक का कम से कम शुल्क 26 रुपए है। स्पीड पोस्ट का कम से कम शुल्क 41 है। सरकार टैक्स भी वसूलेगी।
प्राप्तकर्ता के सत्यापन के साथ सुरक्षित डिलीवरी। स्पीड पोस्ट की तुलना में धीमी। तुलनात्मक रूप से कम शुल्क। ट्रैकिंग उपलब्ध।
तेज और समयबद्ध डिलीवरी। दिए गए पते पर कोई भी व्यक्ति ले सकता है। शुल्क थोड़ा ज्यादा। ट्रैकिंग रियल टाइम के साथ।
रजिस्टर्ड डाक का कोर्ट, सेना की यूनिटें, रेलवे जोन, पुलिस विभाग, बिजली कंपनियों के मुख्यालय, संभागायुक्त कार्यालय, नगर निगम सहित अन्य जगह।
रजिस्टर्ड डाक: प्राप्तकर्ता के सत्यापन के साथ सुरक्षित डिलीवरी। स्पीड पोस्ट की तुलना में धीमी। तुलनात्मक रूप से कम शुल्क। ट्रैकिंग की सुविधा।
स्पीड पोस्ट: तेज और समयबद्ध डिलीवरी। दिए गए पते पर कोई भी व्यक्ति कर सकता है। शुल्क थोड़ा ज्यादा। ट्रैकिंग रियल टाइम के साथ।
रजिस्टर्ड डाक सेवा स्पीड पोस्ट में मर्ज की जा रही है। इससे ट्रांसपोर्ट व्यवस्था तेज होगी।
विनीत माथुर, मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल मध्यप्रदेश परिमंडल, भोपाल