Ten-Lane Road Project: नेशनल हाईवे-146 पर आशाराम तिराहा से रत्नागिरी तिराहे तक 16 किमी लंबी 10-लेन सड़क का निर्माण किया जा रहा है।
Ayodhya bypass road: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के अयोध्या बायपास के चौड़ीकरण का काम तेजी से चल रहा है। बायपास दस लेन रोड प्रोजेक्ट को जिन 8000 पेड़ों की कटाई के चलते रोका था वे अब नजर आ रहे है। 16 किमी लंबाई में फीसदी रोड का काम पूरा हो गया है। चार ओवरब्रिज का काम काम तेजी से पूरा हो रहा है। तीन से चार माह में पूरे 16 किमी लंबाई की रोड का क्लीयरेंस मिल जाएगा।
यानि रोड़ में पेड़ों की बाधा पूरी तरह खत्म होगी। अब सवाल ये है कि एनजीटी की दखल के बाद पेड़ कटाई रुकी थी। तब एक ही रात में ढाई हजार से अधिक पेड़ जड़ समेत उखाड़ दिए गए थे। रोक के बाद 5500 पेड़ बचे होना थे, लेकिन ये नजर नहीं आ रहे। कहां गए तय किए पेड़? ये बड़ा सवाल बन रहा है।
देव नुआल एनएच की ओर से प्रोजेक्ट इंचार्ज है। पूरी योजना इन्हीं के माध्यम से तय हुई। पेड़ कटाई का प्रस्ताव से लेकर रातों रात पेड़ काटने है। हालांकि इनका कहना है हम तय का काम हुआ। अब पेड़ काटे जा चुके नियमों और निर्देशों से काम कर रहे है। कहीं कोई गड़बड़ी नहीं है। मामले में शिकायत करने वाले एक्टिविस्ट नितिन सक्सेना का कहना है कि पहले दिन से ही एनएच ने एनजीटी के निर्देश नहीं माने। पंक्षियों के घोंसलों तक का संरक्षण करना था, लेकिन पेड़ों को जड़ से उखाड़ा गया। इसे लेकर वे उच्चस्तर पर शिकायत करने की बात कह रहे हैं।
-16 किमी लंबा बायपास
-04 लेन से बढ़ाकर 10 लेन करना प्रस्तावित
-7.5 मीटर- 7.5 मीटर की सर्विस रोड बनेगी
-836 करोड़ रुपए प्रोजेक्ट का बजट
-08 फ्लाइओवर व 01 रेलवे ओवरब्रिज प्रोजेक्ट में बनेंगे
-97.79 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होगा
-7871 पेड़ों को काटना प्रस्तावित है
जानकारी के लिए बता दें कि दीपक नगर बावड़ियाकलां स्थित एक झुग्गी बस्ती को बाग मुगालिया एक्सटेंशन में शिफ्ट करने का बीते दिनों जमकर विरोध हुआ। बस्ती में रहने वाले 35 परिवारों को वहां शिफ्ट किया गया, जहां ग्रीन बेल्ट है और ऊपर से हाईटेंशन लाइन भी गुजरी है। ऐसे में हरियाली के साथ आम लोगों की जिंदगी पर भी संकट खड़ा हो गया है।
कई लोग शिफ्टिंग का विरोध करते हुए मैदान में उतर गए। लोगों को कहना है कि दीपक नगर बस्ती में परिवार कई साल से रह रहे थे। कोलार एसडीएम और तहसीलदार ने इन्हें बाग मुगालिया एक्सटेंशन में श्मशान घाट के सामने खाली पड़ी जगह पर शिफ्ट कर दिया। यहां सैकड़ों पेड़ लगे हैं।