केंद्रीय मंत्री गडकरी से सीएम को प्रस्ताव तैयार कारने को कहा, भोपाल में चल रहा है काम...।
पॉलीटेक्निक चौराहा श्यामला हिल्स से बड़ा तालाब पर खानूगांव होते हुए लालघाटी तक रोप-वे स्काई बस की सवारी होगी। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सीएम मोहन यादव को प्रस्ताव दिया है। हालांकि शहरी आवास एवं विकास विभाग एक साल से काम कर रहे हैं। तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सितंबर 2022 में इसके निर्देश दिए थे। भोपाल में तीन क्षेत्र स्काई बस-कार के लिए तय किए जा रहे हैं।
न्यू मार्केट शहर के सबसे प्रमुख व पॉश बाजारों में से है, रेलवे स्टेशन से पास है। तीन किमी का हिस्सा नए शहर के बड़े व प्रमुख हिस्सों को कवर करता है। दोनों प्रमुख क्षेत्रों की कनेक्टिविटी से बाजार में कारोबार बेहतर होगा।
शासन के निर्देश के तहत इस पर काम किया जा रहा है। केंद्र व राज्य दोनों से सलाह ली जा रही है। भोपाल में काफी संभावनाएं हैं। जल्द ही इस पर काम शुरू करेंगे।
-नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव, शहरी आवास एवं विकास
9 करोड़ रुपए प्रति किमी में केबल कार
केबल कार की लागत प्रति किमी 09 करोड़ रुपए है। हाल में उज्जैन में रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर के लिए इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। ठेका एजेंसी की तलाश शुरू की है। दो किमी के लिए 17 करोड़ रुपए खर्च तय किया गया है। यदि भोपाल में दस किमी में केबल कारस् काई बस शुरू होती है तो करीब 90 करोड़ रुपए लागत आएगी।
- यहां रोप-वे स्काई बस के लिए प्रस्ताव चौराहा से श्यामला हिल्स व बड़ा तालाब, वन विहार का नजारा देखने पर्यटकों को आकर्षित कर पर्यटक व आय बढ़ाई जा सकती है। दूरी यहां रोप-वे स्काई बस के लिए प्रस्ताव 03
- भारत माता मंदिर से होटल लेक व्यू अशोक के पास से वीआइपी रोड
-पॉलीटेक्निक चौराहा- बोट क्लब से बड़ा तालाब पार कर खानूगांव व आगे तक 2.5
इसलिए तय: बड़ा तालाब के दूसरी ओर जाने के लिए कमला पार्क, रेतघाट, वीआइपी रोड के ट्रैफिक में फंसने की बजाय रोप वे का उपयोग हो सकता है। अपने काम निपटाकर रोप वे से फिर लोग दूसरी तरफ आ सकते हैं।
भोपाल में 25 से अधिक रूट स्काई बस के लिए हो सकते हैं
केबल कोर- स्काई बस भोपाल के लिए बेहतर है। भदभदा से लालघाटी जाने के लिए लोग क्यों पॉलीटेक्निक और कमला पार्क तक ट्रैफिक में फंसे। वे स्काई बस से कुछ मिनट में पहुंच सकते हैं। भोपाल में तालाबों के किनारों, फॉरेस्ट क्षेत्र के दोनों किनारों वाले क्षेत्रों, कोलार से बैरागढ़ जैसे दूरस्थ क्षेत्रों व बेहतर नीचे व ऊंचाई वाले क्षेत्रों को जोड़ा जा सकता है। भोपाल में 25 से अधिक रूट स्काई बस के लिए हो सकते हैं। तालाब और कैचमेंट को बिना नुकसान पहुंचाए इसे आवाजाही की जा सकती है।
एक्सपर्ट व्यू राहुल तिवारी, प्रोफेसर, ट्रांसपोर्ट मैनिट