
MP News : देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक कहे जाने वाले भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बैंक खातों में साइबर अटैक के दावों पर मध्य प्रदेश का सियासी पारा भी गर्माने लगा है। मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार ने इस मामले पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए केंद्र सरकार से सवाल किया कि, 'SBI पर साइबर अटैक, 3,897 ग्राहकों का डेटा लीक!' उन्होंने आगे कहा कि, ग्राहकों के नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल, घर का पता और लोन से जुड़ी जानकारी डार्क वेब पर मौजूद है।' यही नहीं उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि, '16 अक्टूबर को अलर्ट मिलने के बावजूद डेटा सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाए गए?'
इसके बाद उमंग सिंघार ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि, 'मोदी सरकार साइबर सिक्योरिटी के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन ऐसे मामले उन दावों पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। डिजिटल इंडिया के साथ नागरिकों का डेटा सुरक्षित रखना भी सरकार की जिम्मेदारी है!
आपको बता दें कि, दावा है कि, एक हैकर ग्रुप ने एसबीआई के देशभर में 3,900 ग्राहकों का व्यक्तिगत रिकॉर्ड चोरी कर लिये हैं। चोरी हुए डेटा में ग्राहकों के नाम, फोन नंबर, आईडी और लोन डिटेल्स शामिल हैं। एसबीआई ने भी इस डेटा लीक की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। साथ ही, डिजिटल सुरक्षा के इस संकट के बीच ग्राहकों को सतर्क रहने की अपील भी की गई है।
SBI ने स्टॉक एक्सचेंजों को दी फाइलिंग के अनुसार, उसके ग्राहक रिकॉर्ड्स में सेंध लगी है। बैंक को संदेह है कि, 3,897 ग्राहकों की व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी यानी पर्सनल आइडेंटिफायबल इन्फॉर्मेशन डार्क वेब पर एक्सपोज हुई है। बैंक के मुताबिक, डार्क वेब पर मिले करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड्स के शुरुआती विश्लेषण में 3,897 ऐसे रिकॉर्ड्स पहचाने गए हैं, जिनमें ग्राहकों की पहचान से जुड़ी जानकारी मौजूद थी। गौर करने वाली बात है कि, डार्क वेब पर मिले सभी रिकॉर्ड्स को प्रभावित ग्राहकों का डेटा के बारे में नहीं बताया गया। शुरुआती जांच में 3,897 रिकॉर्ड्स की पहचान हुई है, जबकि उनकी प्रामाणिकता और पूरी जानकारी की पुष्टि के लिए जांच जारी है।