
भोपाल. अवधपुरी इलाके में एक युवक द्वारा पहली शादी की बात छिपाकर दूसरी शादी करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने करीब 5 वर्ष पहले एक पुलिसकर्मी की बेटी से शादी की थी। इस बीच आरोपी ने अवधपुरी निवासी युवती को अपने प्रेम जाल में फांस लिया और खुद को कुंवारा बताकर दूसरी शादी कर ली। आरोपी ने 23 मई को दूसरी शादी की और तीन दिन बाद ही पत्नी को उसकी असलियत पता चल गई। अवधपुरी पुलिस ने नवविवाहिता की शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
एसआई नीतू कुंसारिया ने बताया कि 21 वर्षीय युवती की बड़ी बहन को देखने तीन वर्ष पहले लडक़े वाले उसके घर आए थे। इस दौरान लडक़े के दोस्त महेन्द्र सिंह ठाकुर ने लडक़े वालों का निर्णय बताने के लिए युवती का फोन नंबर ले लिया। युवती और महेन्द्र की फोन पर बात होने लगी। दोस्ती इस कदर गहरी हो गई कि दोनों का मिलना-जुलना शुरू हो गया। इस बीच युवती ने कई बार महेन्द्र से शादी करने के लिए कहा, लेकिन हर बार वह टालता रहा। होली के बाद मार्च में महेन्द्र ने अपने माता-पिता, मामा-मामी की मौजूदगी में युवती से सगाई की। 23 मई को एसडीएम से परमिशन लेकर दोनों ने लॉकडाउन में शादी कर ली और राजीव नगर, अयोध्या बायपास पर किराए के मकान में रहने लगे। दो दिन तक साथ रहने के बाद महेन्द्र पत्नी को मायके पहुुंचाने गया। इस बीच महेन्द्र वॉशरूम चला गया और फोन की घंटी बजी तो नवविवाहिता ने फोन रिसीव किया। फोन करने वाली महिला ने खुद को महेन्द्र की पत्नी बताया। यह सुनते ही दोनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
पत्नी से बताया था लॉकडाउन में बैतूल में फंस गया हूं
महेन्द्र ने करीब 5 वर्ष पहले पुलिस में एक एएसआई की बेटी से शादी की थी। दोनों का एक डेढ़ वर्षीय बेटा भी है। महेन्द्र पत्नी के साथ करोंद इलाके में रहता था। युवक 22 मई को कंपनी के काम से बैतूल जाने का कहकर घर से निकला था। अगले दिन पत्नी के कॉल करने पर उसने कह दिया कि लॉक डाउन में बैतूल में फंस गया हूं। जब करीब 5 दिनों तक पति घर नहीं लौटा, तो पत्नी ने फोन किया, जिसके बाद उसे दूसरी शादी का पता चला।
फोन बंद कर भाग निकला आरोपी
आरोपी महेन्द्र ने फर्जी माता-पिता और मामा-मामी बनाकर अवधपुरी निवासी युवती से शादी की थी। जब दोनों पत्नियों को पति की करतूत पता चली, तो वे दोनों निशातपुरा थाने पहुंची। घटना स्थल अवधपुरी होने पर नवविवाहिता अवधपुरी थाने में मामला दर्ज करवाने चली गई। इस दौरान आरोपी महेन्द्र फोन बंद कर भाग निकला।