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उधार लेकर कर्ज चुका रही एमपी सरकार, 2024-25 में 29.4% हिस्सा लोन चुकाने में गया, CAG रिपोर्ट में खुलासा

CAG Report : कैग रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने 2024-25 के दौरान कुल उधार का 29.43 फीसदी हिस्सा पिछले कर्ज के भुगतान में खर्च किया जा रहा है। पिछले 10 साल में इसका औसत व्यय 29.30 फीसदी है।
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भोपाल

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Mohammad Faiz Mubarak

•

Updated: 23 Jul 2026, 9:41 AM IST

CAG Report

CAG Report (उधार लेकर कर्ज चुका रही एमपी सरकार Photo Source- Patrika)

MP Government : मध्य प्रदेश विधानसभा में पेश हुई कैग की रिपोर्ट में राज्य सरकार पर लगातार बढ़ते कर्ज पर चिंता जताई गई है। उधार लिए धन का इस्तेमाल पुराना कर्ज और ब्याज चुकाने में किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने 2024-25 के दौरान कुल उधार का 29.43 फीसदी हिस्सा पिछले कर्ज के भुगतान में खर्च किया जा रहा है। पिछले 10 साल में इसका औसत व्यय 29.30 फीसदी है। इससे उधार लिए धन से विकास कार्यों में पूंजीगत व्यय के लिए कम निधि उपलब्ध हुई है।

भारत के नियंत्रक महालेखापरीक्षक (कैग) ने साल 2024-25 के लिए राज्य वित्त पर प्रतिवेदन में ये बातें कही गई हैं। इसे बुधवार को विधानसभा में पेश किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य का आंतरिक ऋण 2015-16 में 83,718 करोड़ से 298 फीसदी बढ़कर 3 लाख 33 हजार 216 करोड़ हो गया। 2024-25 के दौरान 21,466 करोड़ ऋण पर ब्याज भुगतान हुआ।

रिपोर्ट में ऋण संधारणीयता का विश्लेषण

-पिछले 3 साल में ऋण, अर्थव्यवस्था की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ा है। ये प्रारंभिक संकेत हैं कि, अगर विकास दर तीव्र गति से नहीं हुआ या उधारी की गति को कम नहीं किया तो ऋण संधारणीयता प्रतिकूल हो सकती है।

-कुल ऋण का सकल राज्य घरेलू उत्पाद से अनुपात विगत कुछ वर्षों से लगातार बढ़ रहा है। लेकिन इसके साथ राजस्व सृजन या आर्थिक विकास में वृद्धि नहीं हुई तो ऋण संधारणीयता प्रभावित होगी।

-संधारणीयता तर्कसंगत है, पर मजबूती कम हो रही है। राज्य को प्राथमिक घाटा कम करने, परिपक्वताओं को सुगम बनाने और मध्यम अवधि विकास वृद्धि के लिए योजना की दरकार है।

-उधारियों से पुनर्भुगतान जारी है। 2024-25 में निवल उधारी उपलब्धता 70 फीसदी के करीब पूंजीगत व्यय और विकासात्मक कार्यक्रमों के लिए उपलब्ध रही।

-प्राथमिक शेष घाटे में बना हुआ है। वर्ष 2024-25 में स्थिति और भी खराब हो गई, यह दिखाता है कि ब्याज भुगतान के लिए भी राज्य उधार लेना जारी रखे हुए है। जब तक प्राथमिक घाटे में उल्लेखनीय कमी नहीं आती, आर्थिक विकास धीमा होने/उधार लेने की लागत बढ़ने पर कर्ज बढ़ता रहेगा।

कुल ऋण भी बढ़ा

राज्य की बकाया देयताओं में भी 10 वर्ष में 2015-16 से 2024-25 के दौरान बढ़ी। 2023-24 में 12.28 फीसदी से बढ़कर 2024-25 में 14.60 फीसदी हो गई। 2024-25 में ये वृद्धि मुख्यत: लोक ऋण विशेषकर आंतरिक ऋण में वृद्धि से हुई। 2015-16 से बकाया देयताओं व सकल राज्य घरेलू उत्पाद का अनुपात भी बढ़ा। यह सकल राज्य घरेलू उत्पाद वृद्धि की तुलना उधार पर बढ़ती निर्भरता को दिखाता है।

5 साल में कर्ज में कितनी राशि पुराना कर्ज चुकाने में जुटी

उधारी चुकाने में करोड़ किया रुपए में खर्च फीसदी में 2020-21 65170 19.58, 2021-22 4684 32.76, 2022-23 58867 37.38, 2023-24 65180 33.19 2024-25 89797 29.43।