MP News: भोजशाला विवाद पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला आते ही राजधानी भोपाल में सुरक्षा अलर्ट के बीच भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 लागू कर दी गई है।
MP News: मध्य प्रदेश में धार भोजशाला विवाद पर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि भोजशाला परिसर एक मंदिर है। कोर्ट ने कहा है कि भोजशाला में हिंदुओं को पूजा करने का अधिकार है। कोर्ट ने कहा कि ऐतिहासिक साक्ष्यों को ध्यान रखते हुए यह फैसला सुनाया गया है।
हालांकि हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब मुस्लिम पक्ष का कहना है कि वह इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा। इस फैसले के आते आते ही राजधानी भोपाल में सुरक्षा अलर्ट के बीच भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 लागू कर दी गई है। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने शहर को संवेदनशील घोषित कर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए है।
-वीआईपी मूवमेंट, वाइटल इंस्टॉलेशन और भीड़भाड़ वाले इलाकों पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर।
-किराएदार, पेइंग गेस्ट और बाहरी व्यक्तियों की जानकारी पुलिस को देना अनिवार्य।
-मकान मालिकों को बिना सत्यापन किसी को ठहराने पर कार्रवाई की चेतावनी।
-होटल, लॉज, धर्मशाला, रिसोर्ट और गेस्ट हाउस संचालकों को रिकॉर्ड अपडेट रखने के निर्देश।
-छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं का पूरा ब्यौरा पुलिस सत्यापन के दायरे में।
-घरों में काम करने वाले नौकर-चाकर और कर्मचारियों का भी वेरिफिकेशन जरूरी।
-अवैध प्रवासी, कट्टरपंथी और आपराधिक तत्वों पर शिकंजा कसने के लिए विशेष अभियान शुरू।
-आदेश उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी तक की चेतावनी।
धार जिला प्रशासन ने फैसला आते ही सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है। अफवाह फैलाने, भ्रामक जानकारी प्रसारित करने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। वहीं दूसरी ओर भोजशाला मामले को लेकर धार ही नहीं, पूरे प्रदेश में उत्सुकता का माहौल बना हुआ है। फैसले से पहले शहर में सुरक्षा व्यवस्था जिस स्तर पर बढ़ाई गई है, उसे देखते हुए प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहा है।
बता दें कि, भोजशाला विवाद पिछले 4 साल से कानूनी, ऐतिहासिक और धार्मिक बहस का केंद्र बना हुआ था। साल 2022 में हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस से रंजना अग्निहोत्री और अन्य याचिकाकर्ताओं ने इंदौर हाई कोर्ट में याचिका दायर कर भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय करने और हिंदू समाज को पूर्ण पूजा अधिकार देने की मांग की थी।