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PM आवास योजना के 74 हजार BLC आवास मंजूर, एक गलती से छिन जाएंगे मकान

PM Awas Yojana 2.0 MP: मध्यप्रदेश में पीएम आवास योजना 2.0 के तहत बीएलसी के 74 हजार आवासों को मिली मंजूर, फर्जीवाड़ा रोकने 5 स्तरो पर जियोटैगिंग करेगी सरकार। नया नियम भी जान लें, वरना हाथ से जाएगा मकान

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PM Awas Yojana MP

PM Awas Yojana MP (photo:patrika creative)

PM Awas Yojana 2.0 MP: मध्यप्रदेश में एफॉर्डेबल कीमतों पर आवास उपलब्ध कराने के लिए सरकार पीएम आवास 2.0 के तहत तेजी से प्रोजेक्ट को मंजूरी दे रही है। अभी तक शासन ने योजना के बीएलसी (BLC) यानी बेनेफिशियरी लेड कंस्ट्रक्शन घटक के तहत 74 हजार आवासों की मंजूरी दे दी है। इसके साथ एएचपी यानी अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप घटक के तहत भी आठ हजार से अधिक आवासों को मंजूरी दी जा चुकी है। अब इनके निर्माण के लिए आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

नहीं कर पाएंगे फर्जीवाड़ा

खास बात यह है कि BLC घटक के तहत शासन से अनुदान लेकर मकान बनाने में लोग फर्जीवाड़ा नहीं कर पाएंगे। इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पहले जहां निर्मित आवास की एक बार जियो टैगिंग की जाती थी, अब अलग- अलग स्तर पर 5 बार टैगिंग की जाएगी। मकान के विस्तार या नवीनीकरण के लिए कोई राशि नहीं ले पाएगा, जियो टैगिंग से नया मकान बनाने की पुष्टि होने पर ही राशि मिलेगी।

बीएलसी के तहत EWS के 5550 आवासों को भी दी है मंजूरी

हाल ही में हुई उच्चस्तरीय बैठक में BLC घटक के तहत 18 हजार 800 और ईडब्ल्यूएस श्रेणी में 5550 आवासों को मंजूरी दी। एएचपी घटक के तहत भी 3 हजार आवासों को मंजूरी दी गई। बैठक में MP के इंदौर, उज्जैन और रीवा में यह आवास बनाने की मंजूरी दी है। इसके पहले भोपाल सहित अन्य जिलों में पीएस आवास की मंजूरी मिल चुकी है।

BLC घटक में सबसे ज्यादा आवेदन

बीएलसी घटक में सबसे ज्यादा आवेदन आ रहे हैं और इनकी सबसे ज्यादा मंजूरी भी दी जा रही हैं। बीएलसी घटक के तहत अपनी जमीन पर मकान बनाने के लिए 2.5 लाख रुपए की सहायता सरकार की तरफ से मिलेगी। इसमें 1.5 लाख केन्द्र और 1 लाख रुपए राज्य सरकार देगी। इन हितग्राहियों को आवास का निर्माण 12 माह में पूर्ण करना होगा। राज्य शासन की मंजूरी के बाद अब केन्द्र से मंजूरी लेकर बजट आवंटित कराया जाएगा। इसके बाद इन लोगों को राशि दी जाएगी।

हर तीन माह में होगी जियो टैगिंग

अधिकारियों के अनुसार BLC घटक के आवासों की हर तीन माह में जियो टैगिंग कराई जाएगी। पहली बार खाली प्लॉट की, इसके तीन माह बाद फाउंडेशन या प्लिंथ लेवल की, 6 महीने बाद लिंटेल लेवल की, 9 माह बाद रूफ लेवल की और 12 महीने बाद मकान पूरा होने की जियो टैगिंग की जाएगी। टैगिंग में प्रगति दिखने के अनुसार तीन चरणों में राशि भी जारी की जाएगी।

पहली किस्त 1 लाख की

पहली किस्त काम शुरू होने पर 1 लाख रुपए की, उसके बाद फिर एक लाख की किस्त लिंटेल लेवल तक निर्माण होने पर और शेष 50 हजार रुपए की राशि निर्माण पूरा होने पर मिलेगी।

नगरीय निकायों को निर्देश जारी

इस संबंध में सभी नगरीय निकायों को निर्देश जारी किए गए हैं। यदि हितग्राही 3 माह में निर्धारित स्तर का निर्माण पूरा नहीं कर पाता है तो निकाय द्वारा निर्धारित स्तर के निर्माण को आगामी स्तर के निर्माण के साथ पूर्ण करने के लिए नोटिस जारी किया जाएगा। यदि 15 माह में भी निर्माण पूर्ण नहीं किया जाता है, तो 3 माह की मोहलत अंतिम नोटिस के रूप में दी जाएगी। 18 महीने में भी काम पूरा नहीं होने पर निकाय द्वारा आवास सरेंडर कराने की कार्रवाई की जा सकती है।

पीएम आवास-2.0 के ये चार घटक

1- बेनेफिशियरी लेड कंस्ट्रक्शन (BLC): इसके तहत हितग्राही को खुद का मकान बनाने में मदद की जाएगी।

2- अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप: सरकारी या निजी कंपनियों के सहयोग से सस्ते आवासों का निर्माण किया जाएगा।

3- अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग: जरूरतमंदों को सस्ती दर पर किराये के मकान उपलब्ध कराए जाएंगे।

4- इंटरेस्ट सब्सिडी स्कीम: इसके तहत 25 लाख रुपये तक के होम लोन पर 4 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी मिलेगी, लेकिन मकान की कीमत 35 लाख रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए।