
Vallabh Bhawan देवास के ग्राम चंदाना में 15 और 18 अक्टूबर को संदिग्ध हालात में दो लोगों की मौत के बाद अवैध शराब के कारोबार पर पुलिस ने प्रहार किया है। 'डायरी सिस्टम' के जरिए अवैध रूप से शराब बेचने के मुख्य आरोपी विनोद जायसवाल सहित 10 आरोपियों को अरेस्ट कर लिया है। इस नेटवर्क में शराब दुकानों के मैनेजर और सेल्समैन भी संलिप्त पाए गए हैं। इधर अवैध शराब बिक्री को लेकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने एक बार पुन: राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने पूछा कि वल्लभ भवन की पांचवी मंजिल को शराब माफिया क्यों और कैसे नियंत्रित कर रहे हैं?
देवास में अवैध शराब कांड पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों की अरेस्टिंग के साथ पुलिस ने 6 पेटी (54 लीटर) देशी शराब, एक कार, 10 मोबाइल और 10 हजार रुपए नकद जब्त किए। यहां कथित डायरी सिस्टम से शराब बेचने के नेटवर्क का खुलासा हुआ था। मृतकों के परिजन ने शराब से मौत की आशंका जताई थी, तब से आरोपी विनोद फरार था।
चंदाना में शराब दुकान है। इसके बावजूद भड़ापीपल्या, शिप्रा और इंदौर से शराब लाकर अवैध रूप से खपाई जा रही थी। इस सिंडिकेट में भड़ापीपल्या दुकान का मैनेजर नितिन सोलंकी, शिप्रा दुकान का मैनेजर चंद्रशेखर बैरागी, सेल्समैन राजदेव पटेल निवासी यूपी, इंदौर के अरविंदो अस्पताल क्षेत्र की शराब दुकान का सेल्समैन सत्येंद्र ओझा और सहित जुगल सिंह, राजेंद्र निनामा और विशाल चौहान को भी रफ़्तार किया गया है।
मंगलवार को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने देवास कांड पर राज्य सरकार पर फिर हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में खुलेआम जहरीली शराब से मौतें हुईं पर आरोपियों का कुछ नहीं हुआ। जांच के नाम पर लीपापोती की गई।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर दबाव बनाते हुए पुन: देवास जाने का भी ऐलान किया। 'जहर' बेचने वाला विनोद सहित 10 आरोपियों के पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद भी कांग्रेस संतुष्ट नहीं है। जीतू पटवारी ने अपने एक्स हेंडल पर लिखा:
समूचा मंत्रिमंडल अब सामूहिक रूप से ही जवाब दे कि मध्य प्रदेश "सरकारी हत्याओं" की "राष्ट्रीय राजधानी" क्यों बन गया है?
मध्य प्रदेश की जनता भी जानना चाहती है कि वल्लभ भवन की पांचवी मंजिल को शराब माफिया क्यों/कैसे नियंत्रित कर रहे हैं?