
बसों में आग (Photo Source - Patrika)
Bhopal news:एमपी के भोपाल शहर में सोमवार रात आइएसबीटी पर भीषण अग्निकांड की आग तो बुझ गई है, इसके साथ ही बस स्टैंड की ढेर सारी खामियां उभरकर सामने आ गई है। पत्रिका की पड़ताल में पता चला कि बस स्टैंड पर बदहाली और अराजकता चरम पर है। आइएसबीटी के आधे हिस्से में आधे से एक फीट मोटाई का कीचड़ फैला हुआ है। 25 फीसदी हिस्सा अतिक्रमण का शिकार है, जबकि 25 फीसदी हिस्से में कबाड़ यानी अटाला फैला हुआ है।
इस तरह आइएसबीटी के कुल क्षेत्रफल का 50 फीसदी हिस्सा ही बसों की पार्किंग व यात्रियों की सुविधाओं के लिए इस्तेमाल में लाया जा रहा है। इतना ही नहीं, राजधानी के महत्वपूर्ण बस स्टैंड पर स्वच्छ पेयजल, बैठने के लिए साफ जगह और स्वच्छ शौचालय की भी मुकम्मल व्यवस्था नहीं है। पूरे परिसर मैं फायर सेफ्टी के इंतजाम नहीं है। बता दें, छह साल पहले नगर निगम को हैंडओवर किए गए मुख्य भवन में फायर सिलेंडर के साथ हाइड्रोलिक सिस्टम भी नदारद हैं।
पुलिस चौकी के सामने अवैध पार्किंगः स्टैंड के मुहाने पर गोविंदपुरा पुलिस सहायता केंद्र के ठीक सामने अवैध रूप से 6 मोटरबाइक और 4 कारें पार्क मिलती हैं, जबकि सड़क पर विशाल चाउमीन, फल, और तंबाकू के ठेले बेखौफ सजे रहते हैं। ऑटो बस स्टैंड की जगह पर ठेले लग रहे।
अतिक्रमण का जालः वर्मा ट्रैवल्स, एसबीआइ एटीएम और मुख्य मार्गों से लेकर सुलभ शौचालय तक दुकानों के बाहर 5 से 6 फीट तक टेबल और स्टॉल लगाकर कब्जा किया गया है। यहां तक कि बंद पड़े मछली के ठेले तक रास्ते में पड़े हैं, जिन्हें हटाने वाला कोई नहीं है।
बस स्टैंड के यू-टर्न और मुख्य रास्तों पर एमआर ट्रैवल्स, चार्टर्ड और नगर निगम की बसें (जैसे बस नंबर 112) अव्यवस्थित तरीके से खड़ी रहती हैं, जिससे आवाजाही पूरी तरह प्रभावित होती है. श्री साई मोटर्स के पास पिछले 3-4 महीनों से एक भारी-भरकम ट्रांसफॉर्मर खराब हालत में कबाड़ में फेंका हुआ है, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। स्थानीय यात्रियों और दुकानदारों ने प्रशासन से इस गंभीर स्थिति पर तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है।
होटलों का अवैध विस्तारः वर्मा भोजनालय, अन्नपूर्णा रेस्टोरेंट, गुप्ता रेस्टोरेंट और सुमित रेस्टोरेंट सहित अधिकांश ढाबों व दुकानों ने बाहर तक कुर्सियां, टेबल और सिलेंडर सजा रखे हैं। बुंदेलखंड ट्रैवल्स, पल्लवी ट्रैवल्स व आरिफ ट्रैवल्स ने भी अतिक्रमण किया है।
अंतरराज्यीय बस टर्मिनस (आइएसबीटी) में वर्मा ट्रैवल्स की आठ बसों को राख में बदल देने वाले अग्निकांड के 24 घंटे बाद भी जांच की रफ्तार सवालों के घेरे में है। करोड़ों रुपए के नुकसान और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े इस मामले में अब तक बस ऑपरेटर की ओर से गोविंदपुरा थाने में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। वहीं, आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने वाली एफएसएल की टीम भी सोमवार देर रात तक मौके पर नहीं पहुंची थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि इतने बड़े अग्निकांड की जांच में शुरुआती स्तर पर ही इतनी देरी और अनदेखी क्यों हो रही है? घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू करने की बात कही थी, लेकिन अब तक आग की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।
तेल, शॉर्ट सर्किट या कोई ज्वलनशील पदार्थ, जांच इन बिंदुओं परः अग्निकांड की गुत्थी सुलझाने एफएसएल की जांच अहम मानी जा रही है। गोविंदपुरा थाना पुलिस का दावा है कि विशेष टीम सोमवार देर रात घटनास्थल पर पहुंचेगी। इसके बाद जली हुई बसों और घटनास्थल से नमूने जुटाए जाएंगे। इनकी जांच से पता लगाने की कोशिश होगी कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी, तेल या किसी अन्य ज्वलनशील पदार्थ के कारण भड़की अथवा इसके पीछे कोई दूसरा कारण था।
Updated on:
27 Oct 2026, 9:54 AM IST
Published on:
27 Oct 2026, 9:54 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.